रायबरेली विगत कई वर्षों से प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित है कई परिवार क्या बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है जिला प्रशासन
रायबरेली केंद्र सरकार और राज्य सरकार के द्वारा ग्रामीण क्षेत्र हो या फिर शहरी क्षेत्र आवासीय योजना से लेकर हर योजनाओं का लाभ देने के लिए गांव और शहर तक सभी योजनाओं को पहुंचाया जा रहा है लेकिन रायबरेली का एक ऐसा गांव जहां आज तक कई परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना से अभी तक लाभान्वित नहीं हुए हैं हम बात कर रहे हैं रायबरेली के तहसील लालगंज क्षेत्र के ग्राम सैमंसी जहां पीड़ित राम सजीवन विगत 10 वर्षों से खुले आसमान में अपना जीवन यापन कर रहे हैं, राम सजीवन अपने तीन छोटे मासूम बच्चों के साथ झोपड़पट्टी में रहने को मजबूर है। जो कभी भी देवीय आपदा का रूप ले सकती है। हालांकि इनका सूची में नाम नहीं है कई बार इन्होंने मौजूदा ग्राम प्रधान अनुज शर्मा से सूची में नाम दर्ज कराने की बात कही लेकिन प्रधानमंत्री योजना की साइट ना खुल पाने के कारण अभी तक पीड़ित का नाम नहीं दर्ज किया गया।
रायबरेली के लालगंज तहसील क्षेत्र के सेमंसी गांव जहां पीड़ित परिवार रो-रोकर अपनी पूरी बात को बताया।
वही जहा आज तक पीड़ित परिवार को सरकार की किसी भी योजनाओं का लाभ नहीं मिला। वहीं मौजूदा ग्राम प्रधान ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि अगस्त माह में प्रधानमंत्री योजना के अंतर्गत साइड ओपन होगी क्योंकि अभी इनका सूची में नाम नहीं दर्ज है जैसे ही साइड ओपन होगी तत्काली पीड़ित को आवास मुहैया कराया जाएगा तदोऊपरांत लालगंज खंड विकास अधिकारी अंजू रानी वर्मा से बात की गई तो उन्होंने कैमरे के सामने कुछ ना बोलकर यह जरूर कहा है कि मामले संज्ञान में आया है और पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए यह जरूर कहा है कि इन्हें दूसरी जगह पर शिफ्ट कर दिया जाएगा हालांकि इनका सूची में नाम नहीं है मीडिया के माध्यम से इनका नाम और अन्य लोगों का नाम दर्ज कर लिया गया है जैसे ही अगस्त माह में प्रधानमंत्री आवास योजना की साइड ओपन होती है इन्हें तत्काल आवास मुहैया कराया जाएगा फिलहाल यह एक ऐसा परिवार है तहसील लालगंज के सैम्सी गांव में जो विगत 10 वर्षों से खुले आसमान मे रहने को मजबूर है हालांकि देवीय आपदा लगातार कहीं ना कहीं कहर बन के बरस रही है झोपड़पट्टी में रहने वाले निचले तबके के लोग अपना जीवन यापन कर रहे हैं क्या अब इस पर जिला प्रशासन गंभीर होगा या यू ही गरीबो का जीवन यापन होता रहेगा

