राहुल गांधी ने निभाया वादा: 11 लाख के चेक से लेकर प्रदीप मेघवाल के परिजनों के आंसू पोछने तक की रुला देगी ये कहानी!
NEET परीक्षा पेपर लीक से आहत होकर सुसाइड करने वाले प्रदीप के माता-पिता 11 लाख रुपये के कर्ज तले दबे थे। इसी बीच राहुल गांधी ने देवदूत बनाकर विनोद जाखड़ को परिवार के पास भेजा और फिर खुद भी परिजनों से मिले।
सीकर/झुंझुनूं: राजस्थान के सीकर और झुंझुनूं के सीमावर्ती इलाके से उठी एक चीख ने पूरे देश के सिस्टम को झकझोर कर रख दिया था। नीट परीक्षा की तैयारी कर रहे होनहार छात्र प्रदीप मेघवाल की मौत ने सिर्फ एक जिंदगी खत्म नहीं की, बल्कि एक बेहद गरीब मां-बाप के बुझते हुए बुढ़ापे के चिराग की वो आखिरी उम्मीद भी छीन ली, जिसके सहारे उन्होंने अपनी जिंदगी के सबसे कड़े दिन काटने थे। लेकिन इस बेहद दर्दनाक कहानी में जब उम्मीद के सारे दरवाजे बंद हो चुके थे, तब देश के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और उनकी टीम ने जो किया, वह रिश्तों और वादों की एक ऐसी मिसाल है जो किसी की भी आंखों में आंसू ला दे।
तीन बहनों के बीच इकलौता भाई था प्रदीप
प्रदीप मेघवाल तीन बहनों के बीच इकलौता भाई था। उसकी आंखों में सिर्फ अपना भविष्य नहीं, बल्कि अपने गरीब माता-पिता को तंगहाली के दलदल से बाहर निकालने का सपना था। बेटा डॉक्टर बन सके, इसके लिए पिता ने अपनी हैसियत से बाहर जाकर बैंकों और साहूकारों के आगे हाथ फैलाए और 11 लाख रुपये का भारी-भरकम कर्ज ले लिया।
NEET पेपर लीक से आहत होकर आत्महत्या करने वाले होनहार छात्र प्रदीप मेघवाल के परिवार से मिला। उनका दर्द शब्दों में नहीं समा सकता। एक मां-बाप ने अपना बेटा खोया है और उनका कोई कसूर नहीं था। जब पेपर लीक होता है, तो सिर्फ एक परीक्षा नहीं टूटती, एक बच्चे का सपना और एक पूरा परिवार टूट जाता है। प्रदीप की मौत आत्महत्या नहीं एक टूटी हुई भ्रष्ट व्यवस्था की देन है, जिन्होंने परीक्षा प्रणाली को माफियाओं के हवाले कर दिया।
राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष\
नीट पेपर लीक ने प्रदीप के हौसले को भीतर से तोड़ा
यह प्रदीप का तीसरा प्रयास था। परीक्षा के बाद जब उसने आंसर-की मिलाई, तो उसे 650 से अधिक अंक आने का पूरा भरोसा था। लेकिन देश मेंNEET Exam ने उस मासूम के हौसले को भीतर से तोड़ दिया। सिस्टम की इस बेरुखी और धांधली से आहत होकर प्रदीप ने मौत को गले लगा लिया। बेटे की लाश के सामने खड़े माता-पिता के सामने अब दो बड़े पहाड़ थे- एक इकलौते बेटे को खोने का कभी न खत्म होने वाला गम और दूसरा सिर पर खड़ा 11 लाख रुपये का वो कर्ज
राहुल गांधी बोले- आप अकेले नहीं हैं, कर्ज मेरी टीम चुकाएगी
प्रदीप की मौत की खबर जब दिल्ली तक पहुंची, तो कांग्रेस नेता राहुल गांधी खुद को रोक नहीं पाए। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उस वक्त प्रदीप की मां के आंसू थम नहीं रहे थे और पिता बदहवास थे। Rahul Gandhi सिर्फ ढांढस ही नहीं बंधाया, बल्कि एक बड़ा वादा किया। उन्होंने परिवार से कहा कि 'बेटे को तो वापस नहीं लाया जा सकता, लेकिन इस तंगहाली में मैं आपको टूटने नहीं दूंगा। प्रदीप को डॉक्टर बनाने के लिए जो कर्ज आपने लिया था, उसे मेरी टीम चुकाएगी।'
विनोद जाखड़ ने थामी कमान: 11 लाख का चेक और कलाई पर राखी
राहुल गांधी के निर्देश पर तुरंत एक्शन हुआ। एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ अपनी टीम और पूर्व मंत्री डॉ. राजकुमार शर्मा के साथ सीधे झुंझुनूं के उदयपुरवाटी में प्रदीप के घर पहुंचे।
- कर्ज से मिली मुक्ति: विनोद जाखड़ ने राहुल गांधी के वादे को मुकम्मल करते हुए पीड़ित परिवार को 11 लाख रुपये का चेक सौंपा। यह वही रकम थी, जिसे चुकाने के डर से प्रदीप के माता-पिता रात भर सो नहीं पा रहे थे। इस चेक के हाथ में आते ही बुजुर्ग माता-पिता राहुल गांधी की इस इंसानियत को देखकर बिलख-बिलख कर रो पड़े।
- कलाई पर बंधी राखी, रो पड़ा पूरा गांव: इस मुलाकात का सबसे भावुक पल तब आया जब विनोद जाखड़ ने प्रदीप की बहनों के सामने अपनी कलाई आगे कर दी। प्रदीप की बहन ने नम आंखों से जाखड़ को राखी बांधी। जाखड़ ने उसकी आंखों से आंसू पोछते हुए वादा किया कि 'आज से तुम्हारा यह भाई जिंदा है। उम्रभर प्रदीप की कमी महसूस नहीं होने दूंगा और हर सुख-दुख में तुम्हारे साथ खड़ा रहूंगा।' इस दृश्य को देखकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें भीग गईं।

