बिहार :- अरवल जिला पदाधिकारी श्रीमती वर्षा सिंह जिला परिषद कार्यालय अरवल का औचक निरीक्षण की
बिहार :- अरवल जिला पदाधिकारी श्रीमती वर्षा सिंह जिला परिषद कार्यालय अरवल का औचक निरीक्षण की
आज दिनांक 16 सितंबर 2023 को जिला पदाधिकारी श्रीमती वर्षा सिंह द्वारा जिला परिषद कार्यालय अरवल का औचक निरीक्षण किया गया.
निरीक्षण के क्रम में डाटा एंट्री ऑपरेटर विकास कुमार अनुपस्थित पाए गए. निरीक्षण के समय जिला पंचायती राज पदाधिकारी, निदेशक डीआरडीए, सहायक कोषागार पदाधिकारी, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा सहित अन्य कर्मी उपस्थित थे.
परिषद कार्यालय एवं शौचालय में साफ-सफाई का अभाव पाया गया. निरीक्षण के समय जिला परिषद कार्यालय में अनाधिकृत रूप से बाहरी व्यक्तियों को पाया गया. इस पर खेद व्यक्त करते हुए सभी जिला परिषद कर्मियों एवं सहायक मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी जिला परिषद को कड़े निर्देश दिए गए की बाहरी व्यक्तियों का कार्यालय परिसर में प्रवेश वर्जित रहेगा.
निरीक्षण के समय पाया गया कि जिला परिषद कार्यालय में दस्तावेजों का संधारण बेहद असंतोष जनक है. कई संचिकाएं, पंजी इत्यादि अपूर्ण रुक से संधारित है. रोकड पंजी पूर्ण नहीं की हुई पाई गई. कार्यालय में कर्मियों के बीच कार्य आवंटन आदेश 2017 के पश्चात अनुपलब्ध पाया गया.
जिला परिषद द्वारा क्रियांवित योजना संबंधी संचिका में कई अनियमितता पाए गई. यह देखा गया कि बिना पर्याप्त जांच एवं गुणवत्ता नियंत्रण के राशि विमुक्त की जा रही है. पाया गया कि कुछ जिला परिषद सदस्य द्वारा अपने क्षेत्र अंतर्गत ना ही कार्यों का पर्यवेक्षन किया जा रहा है ना ही पूर्णता प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर किया जा रहा है. कार्यालय में भंडार पंजी अपूर्ण रुप से संधारित एवं बिना सक्षम प्राधिकारी के हस्ताक्षर के संधारित की हुई पाई गई.
संचिका अवलोकन से पाया गया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी जिला परिषद द्वारा एक भी योजना की प्रशासनिक स्वीकृति नहीं दी गई है. चाहे वह 15वी वित्त आयोग हो अथवा 6th राज्य वित्त आयोग का. यह भी पाया गया कि जिला परिषद में मनरेगा के अंतर्गत क्रियांवित की जाने वाली योजनाएं, विशेष रुप से आंगनवाडी केंद्रों की निर्माण में अनावश्यक रुप से विलंब किया जा रहा है एवं प्रशासनिक स्वीकृति लंबित है. स्पष्ट है कि ceo जिला परिषद सह ddc द्वारा जिला परिषद में क्रियांवित होने वाली योजनाओं में अभिरुचि नहीं ली जा रही है. ACEO, ZP को इस संबंध में कड़े निर्देश दिए गए.
यह भी पाया गया की मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी एवं अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा जिला परिषद में नियमित रुप से नहीं जाया जा रहा है ना ही वहां हो रहे कार्यों का पर्यवेक्षन ही किया जा रहा है. ना ही इनके द्वारा पंचायत समिति एवं ग्राम पंचायत स्तर पर होने वाली हो रही योजनाओं पर भी कोई निगरानी की जा रही है. स्पष्ट है कि दोनों पदाधिकारियों द्वारा त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के तहत हो रही, की गई एवं प्रस्तावित योजनाओं के संदर्भ में पर्याप्त कार्य, अनुश्रवण आदि नहीं किया जा रहा है.
यह भी पाया गया की 3 करोड़ से अधिक राशि उपलब्ध होने के बावजूद ना ही जिला परिषद कार्यालय में मरम्मत, सुंदरीकरण,एक्सटेंशन का कार्य कराया जा रहा है ना ही कार्यालय में दस्तावेजकरण को बढ़ावा देने, कंप्यूटराईजैशन ,आधुनिकीकरण के संदर्भ में कोई कारवाई की जा रही है. सभी मद में राशि उपलब्ध होने के बावजूद जनहित की योजनाएं नहीं की जा रही है.
पाया गया कि जिला परिषद के अंतर्गत संचालित कई दुकानों के द्वारा कही वर्षों से रेंट जमा नहीं किया गया है एवं ऐसी दुकानों को जिला परिषद द्वारा रद्द भी नहीं किया गया है, जिससे अनावश्यक राजस्व की छति हो रही है. रेंट रसीद पंजी अपूर्ण पाए गए. रेंट वसूली में लापरवाही बरतने वाले कर्मी से स्पष्टीकरण की मांग कर मानदेय रोकने का आदेश दिया गया.
निरीक्षण से यह स्पष्ट होता है कि मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी सह ddc एवं अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी सह जिला पंचायती राज पदाधिकारी द्वारा जिला परिषद कार्य की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है. सभी संबंधित से स्पष्टीकरण की मांग कर अग्रसर कार्रवाई की जाएगी.