पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के दौरान हिंसा में 12 की मौत, कई घायल।
पश्चिम बंगाल में शनिवार को हुए पंचायत चुनाव के दौरान राज्य के अलग-अलग इलाको में बड़े पैमाने पर हुई हिंसा में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों अन्य घायल हो गए।
इसने वर्ष 2018 के चुनाव में हुई दस मौतों के आंकड़े को पीछे छोड़ दिया है।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि इस दौरान बड़े पैमाने पर हिंसक झड़पों के अलावा आगजनी, बूथ कैप्चरिंग और फर्जी मतदान की भी सैकड़ों शिकायतें सामने आई हैं।
चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, बड़े पैमाने पर हिंसा के बीच शाम 5 बजे तक 66.28 प्रतिशत वोट पड़े।
गैर-सरकारी सूत्रों ने कम से कम 15 लोगों की मौत का दावा किया है।
राज्य के चुनाव आयुक्त राजीव सिन्हा ने दोपहर बाद पत्रकारों से बातचीत में तीन मौतों की पुष्टि करते हुए कहा कि कानून और व्यवस्था की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की है, आयोग का काम पूरी व्यवस्था संभालना है।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि अब तक 12 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
सबसे ज्यादा हिंसा मुर्शिदाबाद जिले में हुई है. उसके अलावा नदिया, कूचबिहार, मालदा, बर्दवान, उत्तर और दक्षिण 24-परगना जिले में हिंसक घटनाओं में भी लोगों की मौत हुई है।
हिंसा की घटनाओं के लिए सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी दलों ने एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराया है।
भाजपा ने केंद्र से इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की है।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने हिंसा के विरोध में राज्य चुनाव आयोग के दफ्तर के सामने प्रदर्शन भी किया।
दूसरी ओर,राज्यपाल सी.वी.आनंद बोस ने भी इस हिंसा पर गहरी चिंता जताई है।
उन्होंने आज उत्तर 24-परगना और नदिया जिले के कुछ इलाकों का दौरा किया।
पश्चिम बंगाल में त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था के तहत ग्राम पंचायतों की 63,229, पंचायत समितियों की 9,730 सीटों और 22 जिला परिषदों की 928 सीटों यानी कुल 73,887 सीटों के लिए मतदान हुआ।
इनमें से 9,013 सीटों पर मैदान में उतरे उम्मीदवार निर्विरोध चुने जा चुके हैं।

