काशी तमिल संगमम के द्वितीय दल के सदस्यों के प्रयागराज आगमन पर उनका भव्य रूप से किया स्वागत...
काशी तमिल संगमम के द्वितीय दल के सदस्यों के प्रयागराज आगमन पर उनका भव्य रूप से किया स्वागत...
प्रयागराज : ‘‘काशी तमिल संगमम’’ कार्यक्रम के द्वितीय दल के सदस्यों का गुरूवार को जनपद प्रयागराज आगमन पर टीम के सदस्यों का पुष्पवर्षा एवं मां तमिल की वंदना के साथ भव्य रूप से स्वागत किया गया। संगम क्षेत्र में पहुंचने पर अपर जिलाधिकारी नगर श्री मदन कुमार, सिटी मजिस्टेªट श्री विनोद कुमार सिंह एवं मा0 जनप्रतिनिधिगणों के द्वारा टीम के सदस्यों का भव्य रूप से स्वागत किया गया। इस अवसर पर काशी तमिल संगमम पर्यटकों के स्वागत में स्कूली बच्चों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं गीत प्रस्तुत किए गए। काशी तमिल संगमम टीम के सदस्यों को सुसज्जित नावों के द्वारा वीआईपी घाट से संगम ले जाकर मां गंगा, यमुना एवं अदृश्य सरस्वती के संगम का अवलोकन/स्नान कराया गया तथा तीर्थराज प्रयागराज के महत्व के बारे में बताया गया। संगम क्षेत्र के अद्भुत एवं मनोहारी दृश्य देखकर सदस्यगण मंत्रमुग्ध हो गये। सदस्यगणों के द्वारा संगम क्षेत्र में वीआईपी घाट पर बनाये गये सेल्फी प्वाइंट पर सेल्फी भी लिया गया तथा सैण्डआर्ट का अवलोकन किया गया। अपर जिलाधिकारी नगर श्री मदन कुमार के द्वारा टीम के सदस्यों को मोमेंटो एवं अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। संगम क्षेत्र कार्यक्रम के पश्चात काशी तमिल संगमम टीम के सदस्यगणों ने लेटे हनुमान जी का दर्शन एवं पूजन किए। इसके उपरांत टीम के सदस्य स्वामी नारायण मंदिर एवं चन्द्रशेखर आजाद पार्क भी गये। इस अवसर पर दल के सदस्यों के अलावा काफी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
जुल्म के खिलाफ आवाज समय-समय पर उड़ती रही है कभी इस आवाज ने सियासत को पलटा और कभी अत्याचार के खिलाफ उठती यह आवाज सियासत के द्वारा दफना दी गई। कहते हैं जुल्म करना तो गुनाह है ही मगर जुल्म को सहना भी गुनाह है। इसलिए जुल्म के खिलाफ आवाज हमेशा बुलंद करनी चाहिए।
(2)बेहतर दिनों की आस में ग़रीब जुल्म सहता गया
अत्याचार के खिलाफ आवाज़ उठाने की बजाय
वैसे करता रहा जैसे अमीर कहता गया
रोटी कमाने से फुर्सत मिले तो आवाज़ उठाए
भूखे पेट जुल्म के खिलाफ आवाज़ निकलेगी कैसे
अत्याचार के खिलाफ शायरी
एक हो जाओ अत्याचार के खिलाफ
जुल्म और भ्रष्टाचार के खिलाफ
जो करती है शोषण गरीबों का