स्वास्थ्य विभाग की जांच के नाम पर खाना पूर्ति, शिवरामपुर स्वास्थ्य केंद्र में अवैध वसूली का खेल

चित्रकूट | जिले के शिवरामपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर एक घिनौनी घूसखोरी का मामला सामने आया था। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला सुर्खियों में आया, जिसमें स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों द्वारा जन्म प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर अवैध वसूली की जा रही थी। ग्राम भारतपुर तराव के निवासी शरद कुमार यादव ने बताया कि उन्होंने अपने बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र को अपडेट करने के लिए स्वास्थ्य केंद्र का रुख किया था। लेकिन जब वह वहां पहुंचे, तो प्रमाण पत्र बनाने वाले कर्मचारी ने उनसे 220 रुपये की घूस की मांग की। शरद कुमार ने घूस देने से इनकार किया, लेकिन कर्मचारी ने उनकी बात अनसुनी करते हुए प्रमाण पत्र देने से साफ मना कर दिया। मजबूरी में उन्हें 220 रुपये की घूस चुकानी पड़ी, जिसके बाद प्रमाण पत्र जारी हुआ। शरद कुमार ने इस घटना को स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा प्रभारी के सामने रखा, जिसके बाद कर्मचारियों से घूस की राशि वापस दिलवाई गई। हालांकि, यह सवाल अब भी बना हुआ है कि जब स्वास्थ्य केंद्र के प्रशासन को इस घूसखोरी के बारे में जानकारी थी, तो उन्होंने इस पर कार्रवाई क्यों नहीं की। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह घूसखोरी का खेल एक कर्मचारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य केंद्र के उच्च अधिकारियों के संरक्षण में चल रहा है। इस मामले में जिले के कुछ जिम्मेदार अधिकारी भी शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। इस घूसखोरी के कारण गरीब और निचली जातियों के लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। लोग मानते हैं कि अगर इस तरह की अव्यवस्थाएं जारी रही तो न केवल स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होंगी, बल्कि समाज में विश्वास की भी कमी आएगी। स्थानीय लोग और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से इस मामले की गंभीरता से जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि इस घूसखोरी की कुरीति को खत्म किया जा सके और आम जनता को बिना किसी रुकावट के बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। इस घटना ने यह सवाल खड़ा किया है कि क्या स्वास्थ्य विभाग का प्रशासन वास्तव में अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है, या यह सब कुछ सिस्टम की कमजोरी और भ्रष्टाचार का हिस्सा है। लोगों ने अब मांग की है कि इस मामले में कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि किसी भी गरीब को स्वास्थ्य सेवाओं और उनके अधिकारों के लिए घूस देने की मजबूरी का सामना न करना पड़े।

स्वास्थ्य विभाग की जांच के नाम पर खाना पूर्ति, शिवरामपुर स्वास्थ्य केंद्र में अवैध वसूली का खेल