राजस्थान/चितौड़गढ़ : जन्म के बाद नवजात बच्ची को बारिश में गोबर की रोड़ी में फेंका
चितौड़गढ़। नवजात बच्ची को परिवार जन्म के बाद गोबर की रोड़ी में छोड़ गया। बच्ची के ऊपर गोबर भी डाल दिया। सुबह दो घंटे तक बच्ची बारिश में भीगती रही। मौके से गुजर रहे राहगीरों ने बच्ची के रोने की आवाज सुनी। लोगों ने उसे गोबर से निकालकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस चित्तौड़गढ़ हॉस्पिटल लेकर गई। मामला निकुंभ थाना क्षेत्र का है।
निकुंभ थाना अधिकारी यशवंत सिंह सोलंकी ने बताया कि सुबह करीब 11 बजे विक्रम मेघवाल नाम के एक व्यक्ति ने बीट कॉन्स्टेबल काशीराम को सूचना दी की एक बालिका लावारिस हालत में मिली है। मौके पर जब पुलिस पहुंची तो देखा बच्ची गोबर से सनी हुई थी। उसे तुरंत निकुंभ हॉस्पिटल ले जाया गया जहां उसका प्राथमिक इलाज कर चित्तौड़गढ़ रेफर किया गया। थाना अधिकारी यशवंत सिंह सोलंकी ने कहा कि असुरक्षित परित्याग करने पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
खतरे से बाहर है बच्ची
चाइल्ड स्पेशलिस्ट और स्पेशल न्यू बोर्न केयर यूनिट के इंचार्ज जय सिंह मीणा ने बताया कि निकुंभ पुलिस उनके पास करीब 1:30 बच्ची को लेकर आए थे। बच्चे के शरीर में गोबर लगे हुए थे, जिसे साफ कर बच्ची का इलाज शुरू किया गया। नवजात बालिका के शरीर का टेंपरेचर सामान्य से काफी नीचे था और वह नीली पड़ चुकी थी। उसके शरीर में छोटे मोटे खरोचे भी थे, जिससे मामूली सा इंफेक्शन भी हुआ है। डॉ. मीणा ने तुरंत बालिका का इलाज शुरू किया। फिलहाल बच्ची खतरे से बाहर है।
जन्म के बाद गोबर पर डाल कर गया परिवार
मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि बालिका को गोबर की रोड़ी में डाल कर उसके ऊपर गोबर डाल दिया गया था। बालिका को जन्म लिए हुए 24 घंटे भी नहीं हुए थे। जन्म के तुरंत बाद ही उसे वहां फेंक दिया गया था। उसके शरीर में कपड़े भी नहीं थे। सुबह से ही अच्छी बारिश हो रही थी। लगभग 2 घंटे बारिश होने के कारण लोग घर से बाहर नहीं निकले। बारिश रुकने के बाद जब लोग वहां से निकलने लगे तो उन्हें बच्चे की रोने की आवाज आई। बारिश होने के कारण ऊपर से थोड़ा गोबर हट चुका था और बच्ची सांस ले रही थी। बारिश में भीगने की वजह से वह ठंड से भी कांप रही थी।

