मौनी अमावस्या पर महाकुंभ भगदड़ में समझा मृत, अपनी तेरहवीं पर ब्राह्मण भोज से पहले वही पहुंचा घर

मौनी अमावस्या पर महाकुंभ भगदड़ में समझा मृत, अपनी तेरहवीं पर ब्राह्मण भोज से पहले वही पहुंचा घर

महाकुंभ के सबसे बड़े मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर भगदड़ के बाद से लापता जीरो रोड के खूंटी गुरु घर लौट आए। हादसे में लापता खूंटी गुरु को मृत मानकर उनकी तेरहवीं की तैयारी हो रही थी। शाम को भोज के लिए मोहल्ले में तैयारी चल रही थी कि खूंटी गुरु ई-रिक्शा से उतरे।

खूंटी गुरु को देखकर सभी भौचक रह गए। कांग्रेस नेता अभय अवस्थी ने बताया कि खूंटी गुरु के परिवार में कोई नहीं है। 28 जनवरी को वे मौनी अमावस्या पर्व पर संगम स्नान करने गए थे।

भगदड़ की घटना के बाद जब खूंटी गुरु कई दिन घर नहीं लौटे तो मोहल्लेवालों ने उनको उनको मृत मान लिया और प्रतीकात्मक तेरहवीं की तैयारी शुरू कर दी। तेरहवीं में 13 ब्राह्मणों को भोज कराने की तैयारी हो रही थी। तैयारी के बीच खूंटी गुरु ई-रिक्शा से उतरे। खूंटी गुरु को देखने के बाद तेरहवीं का कार्यक्रम निरस्त कर दिया गया।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर यह वाक्या साझा करने वाले अभय अवस्थी ने बताया कि खूंटी गुरु अकेले रहते हैं। जीरो रोड बस अड्डे के सामने दोनों वक्त भोजन और नाश्ता करते हैं। परिवार में और सदस्य नहीं होने के कारण साथी मदद भी करते हैं।

36 घंटे बाद भी नहीं मिले संगम में डूबे दो श्रद्धालु

माघी पूर्णिमा के एक दिन पहले मंगलवार दोपहर संगम में डूबे दो श्रद्धालुओं का 36 घंटे बाद भी पता नहीं चल सका। देहरादून के दोनों श्रद्धालु संगम स्नान के बाद नाव में सवार होते समय डूब गए थे। जल पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीएसी जवानों ने बुधवार को घंटों सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उत्तराखंड के देहरादून के एक ही परिवार के छह सदस्य, बेंगलुरु के एक परिवार के तीन लोग मंगलवार दोपहर बोट क्लब से एक ही नाव से संगम नोज श्यामसुंदर घाट पहुंचे। स्नान के बाद नाव पर सवार होते समय नाव पलट गई।