बिहार :- भोजपुर में ईडी की छापे में जदयू एमएलसी राधाचरण साह उर्फ सेठ जी गिरफ्तार
बिहार :- भोजपुर में ईडी की छापे में जदयू एमएलसी राधाचरण साह उर्फ सेठ जी गिरफ्तार
बिहार :- बिहार के भोजपुर में ED की बड़ी कार्रवाई जदयू एम एल सी राधाचरण साह उर्फ सेठ जी को लंबी पूछताछ के बाद E D ने किया गिरफ्तार।
जदयू एमएलसी राधाचरण साह उर्फ सेठ जी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी)ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार होते ही सेठ जी ने तबीयत खराब होने की बात कही। लंबी पूछताछ के बाद बुधवार के शाम ईडी की टीम मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले गई है। वहीं इससे पहले सुबह इडी की टीम ने सेठ के पटना के दो और आरा के चार आवास पर दबीश दी। स्थानीय पुलिस सीआरपीएफ के जवानों के साथ ईडी की चार-चार टीम छापेमारी की। पटना स्थित उनके सरकारी और पटेल नगर स्थित निजी आवास के साथ आर के बाबू बाजार स्थित आवास रेलवे स्टेशन के पास अनाइट बिहार मिल फॉर्म हाउस होटल और दूसरे जगह पर छापामारी की गयी।
सेठ जी की गिरफ्तारी बालू के अवैध कारोबार समेत अन्य वित्तीय गड़बड़ी को लेकर हुई है। ईडी के अधिकारी बैंक ट्रांजैक्शन पेपर खगाल रहे थे। कुछ दिन पहले ही सेठ जी और उनके बेटे को आरा से पटना पूछताछ के लिए ईडी में बुलाया था। आय अधिक संपत्ति और टैक्स चोरी के मामलों में उनसे पूछताछ हो रही थी। एक सप्ताह पहले ईडी ने एमएलसी और उनके बड़े बेटे कन्हैया प्रसाद को समन भेजा था। इसके बाद दोनों पिता -पुत्र पटना गए थे।
ईडी के सूत्रों को कहना है कि सेठ के ठिकानों से हिसाब किताब कागजात प्रॉपर्टी के कागज और कारोबार से जुड़े कई दस्तावेज जप्त किए गए हैं। उनपर अवैध बालू कारोबार से अरबों की संपत्ति एकत्रित करने का शिकायत है।
जिससे उन्होंने बिहार के विभिन्न जिलों के साथ साथ प्रदेश के दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, मुंबई, बेंगलुरु, हरिद्वार और झारखंड मैं प्रॉपर्टी खरीदी है।
जलेबी बेचते बेचते बन गये अरबपति ?
राधाचरण साह उर्फ सेठ जी आरा बक्सर स्थानीय निकाय क्षेत्र से लगातार दूसरी बार एमएलसी चुने गए हैं। इसके पहले वे राजद के टिकट पर विधान पार्षद चुने गए थे। बाद में वे जदयू में शामिल हो गए। और 2022 में जड़ के टिकट पर जीत हासिल की आरा के लोग बताते हैं कि तीन दशक पहले राधाचरण साह का आरा रेलवे स्टेशन के बाहर जलेबी की दुकान हुआ करती थी। ये खुद उस दुकान पर बैठकर जलेबी छानत थे। उसके बाद यह जमीन का कारोबार करने लगे। 2005 में जब बिहार में नीतीश कुमार की सरकार आई तो बालू सोने की माफिया हो गये। तब बिहार सरकार ने बालू के ठेका देना शुरू किया। तब राधा चरण सेठ अपने सिंडिकेट के साथ इस धंधे में कूद पड़े। इस सिंडिकेट में बिहार के ज्यादातर जिलों में बालू का ठेका ले लिया। इससे राधाचरण सेठ आरा बक्सर के सबसे बड़े कारोबारी में शामिल हो गये। इसी दौरान ये विधान पार्षद बन गए।