जीतू यादव केसः मौन खड़े थे टीआई, भाजपा पार्षद के बेटे को नंगा करके पीटा

जीतू यादव केसः मौन खड़े थे टीआई, भाजपा पार्षद के बेटे को नंगा करके पीटा

भाजपा पार्षद कमलेश कालरा के घर 4 जनवरी को दोपहर 1:30 बजे हमला हुआ। इस दौरान जूनी इंदौर थाना प्रभारी अनिल गुप्ता घटनास्थल पर ही मौजूद थे। हमला करने वाले आरोपियों ने गुप्ता के सामने ही कालरा के घर से बाहर निकलकर गाड़ी में बैठकर फरार हो गए, लेकिन गुप्ता ने न तो उन्हें रोका और न ही कोई कार्रवाई की।

वहीं, एक भाजपा नेत्री द्वारा हमलावरों को कालरा का घर बताने की खबर पर उन्होंने यह कहकर बचाव किया कि वे गमी से लौट रही थीं और हंगामा देखकर रुकी थीं। गौरतलब है कि कमलेश कालरा के घर में घुसकर भाजपा पार्षद जीतू यादव के गुंडों ने मारपीट की थी। कमलेश के बेटे को नंगा करके पीटा गया था और बाद में वीडियो भी वायरल कर दिए गए थे। मामला पीएम मोदी तक पहुंचा और फिर पुलिस ने 9 गुंडों को गिरफ्तार किया। 

जीतू की तलाश जारी

पार्षद कालरा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। हमले के पीछे मुख्य साजिशकर्ता माने जा रहे पूर्व एमआईसी सदस्य जीतू यादव की खोज जारी है। पुलिस ने आरोपियों के घर दबिश दी, लेकिन सफलता नहीं मिली। अब तक 22 पहचाने गए आरोपियों में से 9 गिरफ्तार हो चुके हैं और शेष की तलाश जारी है।

टीआई बोले मैं अकेला था

इस मामले में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि जिस वक्त कालरा के खातीवाला टैंक स्थित घर यादव समर्थकों ने हमला किया, उस समय जूनी इंदौर थाना प्रभारी अनिल गुप्ता सूचना पाकर मौके पर पहुंचे थे। स्थानीय लोगों ने उन्हें बताया कि कालरा के घर हमला हुआ है, लेकिन गुप्ता ने न तो पुलिस फोर्स बुलवाया और न ही किसी तरह की कार्रवाई की।

फोर्स क्यों नहीं बुलाई

डीसीपी ऋषिकेश मीणा ने कहा कि गुप्ता उस वक्त अकेले थे और उनके पास पुलिस फोर्स नहीं था, इसलिए वे कार्रवाई नहीं कर सके। हालांकि, इस सवाल का जवाब नहीं दिया गया कि गुप्ता ने अतिरिक्त पुलिस फोर्स क्यों नहीं बुलवाया। वहीं, भाजपा नेत्री सरिता बहरानी का नाम भी हमलावरों को कालरा का घर बताने में सामने आया है। बहरानी ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि वे गमी से लौटते वक्त हंगामा देखकर रुकी थीं और किसी हमलावर से बात नहीं की।