Twin Cable Bridge: सेंट्रल मुंबई का पहला ट्विन केबल ब्रिज, छह लेन वाले पुल की क्या है खासियत? जानें कब पूरा होगा काम
मुंबई के बुनियादी ढांचे के विकास में एक और बड़ी छलांग लगाते हुए शहर के पहले ट्विन फ्लाईओवर के निर्माण ने रफ्तार पकड़ ली है। इस भव्य पुल का लगभग 35 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और इसके पूरा होने की दिशा में काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुंबई के बुनियादी ढांचे के विकास में एक और बड़ी छलांग लगाते हुए शहर के पहले ट्विन फ्लाईओवर के निर्माण ने रफ्तार पकड़ ली है। इस भव्य पुल का लगभग 35 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और इसके पूरा होने की दिशा में काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुंबई: मुंबई के बुनियादी ढांचे के विकास में एक और बड़ी छलांग लगाते हुए शहर के पहले ट्विन फ्लाईओवर के निर्माण ने रफ्तार पकड़ ली है। इस भव्य पुल का लगभग 35 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और इसके पूरा होने की दिशा में काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस पुल से दादर क्षेत्र में सालों से चली आ रही ट्रैफिक की भीड़भाड़ कम होने और यात्रा आसान होने की उम्मीद है।
यह ट्विन केबल-स्टेड ब्रिज दादर के पूर्व-पश्चिम को जोड़ने वाले 100 साल पुराने तिलक फ्लाईओवर की जगह बनाया जा रहा है। हालांकि पुराने तिलक ब्रिज को नए पुल के पूरी तरह से बन जाने के बाद ही तोड़ा जाएगा। ताकि यातायात प्रभावित न हो। इस क्षेत्र में वर्तमान में ट्रैफिक की भीड़भाड़ एक गंभीर समस्या बन गई है, और यह नया पुल इसे काफी हद तक कम करेगा।
तिलक ब्रिज का पुनर्निर्माण
मुंबई में ब्रिटिश काल के खतरनाक पुलों के पुनर्निर्माण का काम पिछले कुछ सालों से चल रहा है। शिव और प्रभादेवी के पुलों पर भी काम चल रहा है और वे वर्तमान में ट्रैफिक के लिए बंद हैं। इससे अन्य फ्लाईओवरों खासकर तिलक ब्रिज पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया है। इसी को देखते हुए तिलक ब्रिज के पुनर्निर्माण में तेजी लाई गई है और यह नया पुल अगले साल तक यात्रियों के लिए खुल जाने की संभावना है।
कार्य कब पूरा होगा?
यह 600 मीटर लंबा, छह लेन वाला ट्विन केबल-स्टेड फ्लाईओवर दो चरणों में बनाया जाएगा। प्रत्येक पुल की चौड़ाई 16.7 मीटर होगी। इससे पिछले पुल की तुलना में ज़्यादा जगह मिलेगी। इससे ट्रैफिक की भीड़भाड़ काफी हद तक कम हो जाएगी। पहले चरण का तीन लेन का कार्य अप्रैल 2026 तक पूरा हो जाएगा। इससे पूर्व-पश्चिम यातायात में तेजी आएगी। इसके बाद दूसरे चरण का कार्य अगले 18 महीनों में पूरा करने की योजना है और 2028 तक पूरा छह लेन वाला पुल लोगों की सेवा के लिए तैयार हो जाएगा।
इसकी खास बातें क्या हैं?
इस पुल का निर्माण एडवांस टेक्नोलॉजी से किया जा रहा है। कुल 375 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस पुल को बिजली की रोशनी से सजाया जाएगा। पुल पर एक 'सेल्फी पॉइंट' की सुविधा भी दी जाएगी। इससे यह न केवल एक परिवहन केंद्र बनेगा, बल्कि मुंबईवासियों के लिए एक आकर्षक पर्यटन स्थल भी बनेगा।

