दरोगा का रिश्वत मांगने का ऑडियो वायरल होते ही पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

आजकल पुलिस प्रशासन के कारनामे अपनी सिर्खियां बटोर रहे है। तीन दिवस के अंतराल में पुलिस के जिम्मेदारों द्वारा प्रताड़ित कर अभद्र भाषा का प्रयोग कर पीड़ित महिला को अपमानित करने व धमकाने का ऑडियो वायरल हुआ था। दो दिवस भी नही हुए कि एक जनप्रतिनिधि ग्राम प्रधान ने उक्त थाने में तैनात दरोगा पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर मुख्यमंत्री पोर्टल व अन्य अधिकारियों को शिकायती पत्र भेज कार्यवाही किये जाने की मांग की है। हद तो तब हो गयी जब सोशल मीडिया पर इसी दरोगा कि एक ऑडियो वायरल हुई। जिसमे उन्होंने सारी हदें पार कर देश के न्याय देवता कोर्ट के नाम पर एक हजार रुपये की रिश्वत की मांग की।

दरोगा का रिश्वत मांगने का ऑडियो वायरल होते ही पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

दरोगा का रिश्वत मांगने का ऑडियो वायरल होते ही पुलिस महकमे में मचा हड़कं

हमीरपुर: आजकल पुलिस प्रशासन के कारनामे अपनी सिर्खियां बटोर रहे है। तीन दिवस के अंतराल में पुलिस के जिम्मेदारों द्वारा प्रताड़ित कर अभद्र भाषा का प्रयोग कर पीड़ित महिला को अपमानित करने व धमकाने का ऑडियो वायरल हुआ था। दो दिवस भी नही हुए कि एक जनप्रतिनिधि ग्राम प्रधान ने उक्त थाने में तैनात दरोगा पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर मुख्यमंत्री पोर्टल व अन्य अधिकारियों को शिकायती पत्र भेज कार्यवाही किये जाने की मांग की है। हद तो तब हो गयी जब सोशल मीडिया पर इसी दरोगा कि एक ऑडियो वायरल हुई। जिसमे उन्होंने सारी हदें पार कर देश के न्याय देवता कोर्ट के नाम पर एक हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। और न्यायालय को ही रिश्वतखोर बना न्यायालय में फाइल दाखिल करवाने के नाम पर कुलदीप नाम के व्यक्ति से मांग की। सोचने वाली बात तो यह है कि जनपद के कुछ चंद पुलिस दरोगा अब इतने गिर गए कि देश के जिस न्यायालय को लोग न्याय का देवता मान पूजते है और उनके दिए गए न्याय को मान उनके आदेशो का पालन करते है उसी न्यायालय के नाम रिश्वत मांगना यह कोई छोटा जुर्म नही है। इससे तो देश के नागरिक न्याय में विश्वास कर सकेंगे। आज देश के करोड़ो लोग न्यायालय का भरोसा करते है उसी को रिश्वती करार देना सरासर गलत है। मामला बिवांर थाना का है जहां पर तैनात एक दरोगा ओमप्रकाश वर्मा ने जनपदीय पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस सहित न्यायालय को भी रिश्वत खोर साबित करने की कोशिश की है। निश्चित रूप से ऐसे रिश्वत खोर खाकी वर्दी को बदनाम का दाग लगाने में कसर नहीं लगा रहे है। हालांकि शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत करके कड़ी कार्यवाही की मांग की है।