ओड़गी सप्ताहिक बाजार में फंसी एम्बुलेंस, पुलिस जवान नदारद, पत्रकारों ने की मदद 

ओड़गी सप्ताहिक बाजार में फंसी एम्बुलेंस, पुलिस जवान नदारद, पत्रकारों ने की मदद 

ओड़गी सप्ताहिक बाजार में फंसी एम्बुलेंस, पुलिस जवान नदारद, पत्रकारों ने की मदद 

रोहित यादव/सूरजपुर:- ओड़गी ब्लॉक मुख्यालय ओड़गी में बुधवार को साप्ताहिक बाजार लगता हैं यह ब्लॉक का सबसे बड़ा बाज़ार में से एक है अगर देखा जाए तो 76 ग्राम पंचायत के लोग बाजार में आते हैं अपनी जरूरत के हिसाब का सामान बनाने व लेने यहां की बात की जाए तो अव्यवस्था के चलते सड़कों पर जाम लगा रहता है। सुरक्षा की दृष्टि से न ही पुलिस गश्त करती हुई नजर आती है, और न ही मंडी के कर्मचारी व्यवस्था को बनाने में व्यापारी व आम जन का सहयोग नही करते है। बाजार के दिन दो बजे के बाद से भीड़ भाड़ शुरू हो जाती है, लेकिन सबसे ज्यादा भीड़ शाम चार बजे रहती है, क्योंकि इस दौरान दूर-दूर के गांव वालों सहित शासकीय कर्मचारी, व्यापारी, भी बाजार में खरीदी के लिए आते है।

इसी दौरान ही सबसे ज्यादा भीड़ बाजार में नजर आती है, भीड़ इतनी अधिक होती है कि ओडगी बाजार की सड़क पर चलना तक दुभर हो जाता है। ऐसे में बाजार में कुछ लोग वाहनों से आना जाना करते है, तो कुछ लोग अपने दो पहिया, चार पहिया वाहनों को सड़को पर ही खड़ा करके बाजार करने चले जाते है। इससे सबसे ज्यादा अव्यवस्था होती है।दुकानों के सामने वाहन, फिर बीच बीच में ठेले, ऐसे में सड़क सकरी हो जाती है और आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ता है, इतनी अव्यवस्था में सुधार करने के लिए कोई पुलिस, मंडी व नगर पंचायत सामने नहीं आती। हालांकि देखा जाए तो सबसे अधिक जिम्मेदारी मंडी विभाग की होती है क्योंकि वहीं पूरे बाजार की टैक्स वसूली करती है। वहीं अक्सर यह भी देखा जाता है कि ट्रैफिक की समस्या के कारण अक्सर वाद विवाद का माहौल भी बन जाता है।इस बीच में मरीजों को ले जाने वाली एंबुलेंस भी घंटे तक जाम में फसी रही उसका शुद्ध लेने वाला भी कोई नहीं था इस प्रकार से कोई गंभीर मरीज ट्रैफिक के चलते अस्पताल नहीं पहुंच पाया से उसकी मृत्यु हो जाए तो इसकी जवाबदारी किसकी होगी अब देखना यह है कि यातायात व्यवस्था में सुधार लाते हैं या नहीं या यूं ही कुंभ करणी है नींद पर विभाग सोते रहेगा.इस मामले को एसडीओपी साहब को फोन के माध्यम से बताना चाहा तो उनके द्वारा कॉल नहीं उठाया गया.