मुम्बई महाराष्ट्र : मराठा आरक्षण को लेकर मनोज जारांगे 26 जनवरी से करेंगे भूख हड़ताल।

मराठा आरक्षण की मांग कर रहे कार्यकर्ता मनोज जारांगे-पाटिल ने जालना से मुंबई तक मार्च करने का फैसला किया था। उन्होंने इस मार्च को अंतिम संघर्ष बताया है।

मुम्बई महाराष्ट्र : मराठा आरक्षण को लेकर मनोज जारांगे 26 जनवरी से करेंगे भूख हड़ताल।

रिपोर्ट : नाज आलम  ( सोर्स एक्स प्लेटफ़ॉर्म )  

15/04/2024 

मुम्बई महाराष्ट्र :  मराठाओं के लिए आरक्षण की मांग को लेकर कार्यकर्ता मनोज जारांगे-पाटिल ने जालना से मुंबई तक मार्च करने का फैसला किया था। उन्होंने इस मार्च को अंतिम संघर्ष बताया है। उन्होंने कहा कि वह 26 जनवरी को भूख हड़ताल पर बैठेंगे। उनकी यह भूख हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तक सरकार उनकी मांगों नहीं मान लेती। पाटिल अब अपना मार्च निर्धारित दिन से चार दिन पहले शुरू करेंगे। वह 20 जनवरी को मार्च शुरू करेंगे और 26 जनवरी को अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठेंगे। मराठा कार्यकर्ता ने इसे एक हाइब्रिड मार्च बनाने का भी फैसला किया, जहां उनके साथ आंदोलनकारी पैदल चलेंगे और सात दिनों के भीतर मुंबई पहुंचेंगे। इस यात्रा में वह वाहनों का उपयोग करेंगे।   

26 दिसंबर को किया था भूख हड़ताल का फैसला
जारांगे-पाटिल सरकारी नौकरियों और शिक्षा में मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की मांग कर रहे हैं। उन्होंने पिछले कुछ महीनों में कई बार भूख हड़ताल की है। पिछली बार वरिष्ठ मंत्रियों और सेवानिवृत्त न्यायाधीशों वाले एक सरकारी प्रतिनिधिमंडल द्वारा आश्वस्त किए जाने के बाद उन्होंने अपनी भूख हड़ताल खत्म की थी। उन्होंने सरकार को 24 दिसंबर तक मांग पूरी करने का अल्टीमेटम दिया था। जब सरकार द्वारा उनकी मांग पूरी नहीं की गई तब 26 दिसंबर को जारांगे ने फैसला किया था कि 24 जनवरी से वह अंशन पर बैठेंगे। 

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सोमवार को जारांगे-पाटिन ने योजना का विवरण दिया और कहा कि पैदल मार्च 20 जनवरी से शुरू होगा। अपने इस मार्च में जारांगे दिन की शुरुआत तीन से चार घंटे पैदल चलकर करेंगे और दोपहर के भोजन के बाद शेष दिन के लिए वाहनों से यात्रा करेंगे।

क्या है जारांगे-पाटिक के मार्च का प्लान
पहले दिन, मार्च जालना के अंतरवाली सारथी गांव से शुरू होकर बीड जिले के शिरूर तक 82 किलोमीटर तक चलेगा। दूसरे दिन अहमदनगर के करंजी घाट तक, तीसरे दिन पुणे के रंजनगांव तक, चौथे दिन पुणे के चंदन नगर तक, पांचवें दिन लोनावाला तक और छठे दिन के अंत तक पनवेल पहुंचेगी। 26 जनवरी को वे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने के लिए या तो पनवेल से या चेंबूर से आजाद मैदान या शिवाजी पार्क तक पैदल यात्रा शुरू करेंगे।

मार्च को पाटिल ने बताया अंतिम संघर्ष
जारांगे पाटिल ने घोषणा की कि मराठा आरक्षण के लिए यह उनका अंतिम संघर्ष है। उन्होंने कहा, "हम मरते दम तक वहां (आजाद मैदान या शिवाजी पार्क) से नहीं हटेंगे। यह हमारा अंतिम संघर्ष है और विरोध प्रदर्शन में भाग लेने वाले प्रदर्शनकारियों की संख्या पर राज्य सरकार की सभी गणनाएं विफल होने जा रही हैं।