समाज के सभी आयामों को सुदृढ़ बनाने के लिए तुलसीदास को जानना आवश्यक है : डॉ रश्मि ।
समाज के सभी आयामों को सुदृढ़ बनाने के लिए तुलसीदास को जानना आवश्यक है : डॉ रश्मि ।
पत्रकारिता विभाग में तुलसीदास जयंती मनाया गया
भानुप्रतापपुर/खिलेश्वर नेताम:- शासकीय महर्षि वाल्मीकि पी.जी. कॉलेज भानुप्रतापपुर के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में गोस्वामी तुलसीदास की 536वां जयंती श्रद्धापूर्वक मनाया गया।
कार्यक्रम के मुख्यातिथि प्राचार्य डॉ. रश्मि सिंह ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास कवि ही नहीं संत भी थे। समाज के सभी आयामों को सुदृढ़ बनाने के लिए उनकी कृतियों का अध्ययन और मनन करना आवश्यक है। उन्होंने ये भी कहा कि ने कहा कि तुलसीदास के रचनाओं में हमें सर्वत्र समन्वय के दर्शन होते हैं। इस कारण उनकी रचनाओं को समन्वय की विराट चेष्टा कहा गया है। सम्पूर्ण भारत में यदि किसी कवि की पंक्तियां लोगों को सबसे अधिक कठंस्थ है, तो वे तुलसीदास ही हैं। वे लोकनायक कहे जाते हैं।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि हिंदी के वरिष्ठ सहायक प्राध्यापक श्यामानंद डेहरिया ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि तुलसीदास ने रामचरित मानस की रचना की। रामकथा में न केवल सुखद समाज की कल्पना की, बल्कि आदर्श जीवन जीने का मार्ग भी दिखाया। साथ ही उन्होंने तुलसीदास की चौपाइयों को मंत्र की संज्ञा देते हुए उनकी कवितावली, गीतावली व विनय पत्रिका में दार्शनिक व सामाजिक विचारों पर प्रकाश डाला। विशिष्ट अतिथि हिंदी के अतिथि व्याख्यता डी. के. बांधे ने भी गोस्वामी तुलसीदास के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन पत्रकारिता के सहायक प्राध्यापक श्रीदाम ढाली ने किया।
इस मौके पर महाविद्यालय के वरिष्ठ सहायक प्राध्यापक आर.के. दरों, एनएसएस प्रभारी रितेश कुमार नाग, कमल किशोर प्रधान, डॉ नसीम अहमद मंसूरी, नंदिनी कश्यप, सुषमा चालकी, स्नेहा रितेश नाग, उपासना निषाद, आस्था शर्मा, मुकेश डहरवाल, योगेश यादव, ईश्वरलाल सिन्हा, टुपेश कोसमा, राकेश अमिला सहित महाविद्यालय के समस्त अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
तुलसीदास जयंती पर हुई प्रश्नोत्तरी स्पर्धा
तुलसीदास जयंती के उपलक्ष्य पर प्रश्नोत्तरी स्पर्धा भी हुई। जिसमे तुलसीदास पर आधारित प्रश्न के साथ अन्य प्रश्न पूछे गए जैसे- तुलसीदास के बचपन का क्या नाम था, तुलसी दास का जन्म कब हुआ, छत्तीसगढ़ राज्य कब बना, तुलसीदास को मुगल काल का सबसे बड़ा व्यक्ति किसने माना जैसे 10 प्रश्न पूछे गए।विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को सफलता बनाने में इन विद्यार्थियों का रहा विशेष योगदान
तुलसीदास जयंती कार्यक्रम को सफल बनाने में पत्रकारिता के विद्यार्थी सामंत साहू, अजय कुमार, डिगेश्वर, संजय कुमार, साधना, शिखा मंडावी, जोगिता, टिकेश्वरी, आंजनेय सोनी, भूमिका दर्रो, अंजनी महावे, मुकेश, लालचंद, देवेंद्र, जसप्रीत कौर, रिंकी साहा, करिश्मा तेता, अंजली, गणेश पल्लो, दुर्गा, लालचंद, देवेंद्र, योगेश कुमार सहित पत्रकारिता के अन्य विद्यार्थियों का विशेष योगदान रहा।

