दिल्ली के भलस्वा डेयरी में भीड़ ने बुलडोजरों को घेरा

दिल्ली के भलस्वा डेयरी में भीड़ ने बुलडोजरों को घेरा

दिल्ली के भलस्वा डेयरी में भीड़ ने MCD के बुलडोजरों को घेरा, गुस्साए लोग बोले- मर जाएंगे पर नहीं छोड़ेंगे जगह,लोग बोले-घर तब क्यों नहीं तोड़े जब निर्माण हो रहे थे

दिल्ली के भलस्वा डेयरी इलाके में अवैध निर्माण को ढहाने पहुंचे दिल्ली नगर निगम के बुलडोजर के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई. इस दौरान लोगों ने नगर निगम अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए एक्शन का विरोध किया. वहीं, भीड़ की मौजूदगी को ध्यान में रखते हुए इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है.

दिल्ली हाईकोर्ट के बाद अवैध निर्माण को ढहाने पहुंचे एमसीडी के बुलडोजरों को लोगों की भीड़ ने घेर लिया और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया. मौके मौजूद एक शख्स ने एमसीडी की कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि अगर एमसीडी को इन घरों तोड़ना था तो उस दौरान तोड़ती जब इन घरों का निर्माण किया जा रहा था. उस वक्त प्रशासन कहां गया था. यहां से प्रशासन वाले एक-एक लेंटर के एक लाख-दो लाख रुपये लेकर जाते हैं. तोड़ना है तो पहले उनका घर तोड़, उन्होंने पहले हमसे यहां घर बनाने का पैसा लिया. उस वक्त ये पुलिस, एमसीडी प्रशासन कहां गया था. आज ये कुछ भ्रष्ट एनजीओ की वजह हमारे घरों को तोड़ने आएं हैं. हम यहां तब से है, जब यहां जगल था.

वहीं, एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि 80 प्रतिशत लोग यहां हाउस टैक्स देते हैं और ये दूसरी तरफ हमको परेशान कर रहे हैं. हम मर जाएंगे पर, इस जगह को नहीं छोड़ेंगे. एमसीडी ने एक पब्लिक नोटिस जारी कर लोगों से तीन दिन के अंदर इलाके को खाली करने का अल्टीमेटम दिया था. नोटिस में एमसीडी ने कहां था कि आदेश का अनुपालन नहीं करने पर जबरन हटाया जाएगा और कार्रवाई का पैसा भी प्लॉट मालिक से ही लिया जाएगा.

इस पूरी घटना के बाद एक सवाल यह अवश्य बनता है की जब प्रशासन के मुताबिक जमीनों पर कब्ज़ा हो रहा था, घर बनाए जा रहे थे तब प्रशासन की नींद क्यों नहीं खुली थी? तब प्रशासन ने कार्रवाई क्यों नहीं की?