राम काज के लिए निचलौल तहसीलदार राम अनुज त्रिपाठी ने ली स्वैच्छिक सेवानिवृति, अपने गृहनगर अयोध्या में करेंगे राम सेवा।
निचलौल। राम की सेवा के लिए हर सनातनी अपने अनुसार योजना बना रहा है। वहीं रामकाज के लिए एक न्यायिक मजिस्ट्रेट ने अपनी सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर लोगों का ध्यान खींचा है। ऐसा एक मामला उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के निचलौल क्षेत्र से सामने आया है। जहां तैनात एक न्यायिक तहसीलदार ने अपने पद से त्यागपत्र देकर सेवानिवृति ले ली है। जो अब अपने गृह नगर अयोध्या लौट गए है। बताया जा रहा है कि मूलत: अयोध्या जनपद के रामजन्म भूमि के समीप वशिष्ठ कुंड वार्ड के रहने वाले 55 वर्षीय राम अनुज त्रिपाठी ने पहली सरकारी नौकरी 1994 में सहायक विकास अधिकारी कृषि के रूप में नैनीताल में शुरू की थी। नौकरी के दौरान सिविल सेवाओं की परीक्षा को लेकर तैयारी की और वर्ष 2001 में सिविल सेवा में आ गए। अब उन्होंने इस पद से भी त्यागपत्र दे दिया है। उनका कहना है कि सेवानिवृत्ति के बाद वह अब अपना पूरा समय राम जन्मभूमि में ही बिताएंगे। हालांकि अपने सेवानिवृत्ति के आवेदन में उन्होंने पारिवारिक और स्वास्थ्य को कारण बताया है। अगस्त माह में ही प्रस्तुत आवेदन पर राजस्व परिषद के आयुक्त एवं सचिव मनीषा त्रिघाटिया ने उन्हें स्वैच्छिक सेवानिवृति दे दी है। जिसके क्रम में जिलाधिकारी अनुनय झा ने उन्हें कार्यमुक्त कर दिया है।
द भारत न्यूज़ के संवाददाता से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या लोगों के खास महत्व रखती है। यह केवल शहर मात्र नहीं है, बल्कि सनातन प्रेमियों से लिए वह नगरी है, जो आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्वों को जोड़े हुए है। लगभग 500 साल की लंबी लड़ाई के बाद अब अयोध्या में बना प्रभु श्रीराम का मंदिर सनातन प्रेमियों के लिए विशेष महत्व रखता है क्योंकि हम कलयुग के वो साक्षी होने जा रहे हैं जो एक बार फिर से प्रभु राम के आगमन पर दीप जलाएंगे, ठीक उसी तरह जैसे त्रेतायुग में रामजी के 14 साल बाद वनवास से लौटने पर अयोध्या वासियों ने जलाए थे। अनुज त्रिपाठी ने कहा कि अब वो अपना पूरा समय अपने गृहनगर अयोध्या में प्रभु श्री राम के चरणों में समर्पित करेंगे।

