सिंदुरिया में सो रही पुलिस, जाग रहे चोर और लुट रही जनता, चोरी की वारदात में लगातार हो बढ़ोतरी।
महराजगंज/सिंदुरिया। सिंदुरिया थाना क्षेत्र में चोरों ने चोरी का नया तरीका ईजाद किया है, जिसको जानकर आप हैरान होने के साथ भयभीत हो जाएंगे। क्षेत्र में एक पाखवाड़े में लगभग आधा दर्जन से ज्यादा चोरियां हो चुकी हैं। अब चोर चोरी से नहीं सीना जोरी से चोरी कर रहे हैं। अभी तक आपने चोरी की घटनाओं के बारे में जरूर सुना होगा कि चोर चुपके से आते हैं नकबजनी और ताला तोड़ कर घटना को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं। लेकिन सिंदुरिया थाना क्षेत्र में चोरों का हौसला बुलंद और प्रशासन मौन है।
थाना क्षेत्र में यह अकेली एक चोरी की वारदात नहीं है। इससे पहले 14 दिनों में कम से कम चोरों द्वारा 7 चोरी की वारदातों को अंजाम दिया गया। अगर आपको अपने घरों की सुरक्षा करनी है तो खुद ही चौकीदार बनकर घरों की पहरेदारी करें, क्योंकि सिंदुरिया पुलिस रातो में सो रही होती है।
सिंदुरिया थाना क्षेत्र में अपराधियों के हौसले दिनों दिन बुलंद होते जा रहे हैं। बीते रविवार को मथनिया गांव में रात अज्ञात चोरों ने एक ही रात में तीन घरों में सेंध काटकर 40 हजार नगदी और चांदी का जेवर उठा ले गए। इस मामले में अब तक पुलिस जांच की बात कह रही है।
*पर्दाफाश तो दूर मुकदमा दर्ज करने से भी परहेज करती है सिंदुरिया पुलिस*
14 दिनों में 7 चोरी की घटनाओं को अंजाम देने के बाद भी सिंदुरिया पुलिस की आंखें अभी तक नहीं खुली ना ही उन्होंने अभी तक किसी भी चोरी की घटनाओं का खुलासा किया है।
सिंदुरिया थाना क्षेत्र में लगातार हो रही चोरियों से लोग परेशान और भयभीत है। क्षेत्र के लोगों ने कहा कि सिंदुरिया थानाध्यक्ष से थानेदारी नहीं संभल रही है ना जाने कब किसके घर का ताला टूट जाए इसकी कोई गारंटी नहीं है। चोरी की घटनाओं की शिकायत करने पर उल्टा ही थानाध्यक्ष चोरों को पकड़ने के बजाय पीड़ित को ही धमकाने लगती हैं।
सिंदुरिया थाना क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही है।
क्षेत्र में लगातार हो रही चोरियों से आहत आकर लोगों का कहना था कि पुलिस की उदासीनता से चोरी की घटनाएं नहीं रुक रही है।
लगातार कुछ दिनों से एक दर्जन से ज्यादा चोरी की घटनाएं सिंदुरिया थाना क्षेत्र में हुई है। इसका खुलासा पुलिस द्वारा अब तक नहीं किया गया है। जिसके कारण चोरों का मनोबल ऊंचा है। लगातार पेट्रोलिंग होनी चाहिए, जिससे इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

