घर से दूर फंदे पर लटका मिला चक्की श्रमिक का शव, हत्या कर शव फंदे से लटकाए जाने का आरोप...
घर से दूर फंदे पर लटका मिला चक्की श्रमिक का शव, हत्या कर शव फंदे से लटकाए जाने का आरोप...
कौशाम्बी : जनपद में पिपरी क्षेत्र के कसेंदा गांव स्थित ससुर खदेरी नदी में बुधवार की सुबह एक शीशम के पेड़ से फंदे पर लटका हुआ आटा चक्की श्रमिक का शव मिला है शव मिलने से ग्रामीणों में सनसनी फैल गई, सूचना पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम ने शव को फंदे से नीचे उतार कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजवा दिया, जानकारी होने के बाद मर्चरी हाउस पहुंचकर स्वजनों ने शव की पहचान किया है, मिली जानकारी के अनुसार प्रयागराज के पूरामुफ्ती थाना क्षेत्र के शेखपुर इब्राहिमपुर गांव निवासी 40 वर्षीय राजू सरोज पुत्र मुन्नी लाल श्रमिक है उसकी पत्नी रूखमणी देवी के मुताबिक वह गांव के ही चंद्रका प्रसाद की आटा चक्की मजदूरी पर चलते थे मंगलवार को वह बाजार से मीट लाए थे, बेटा आकाश ने बताया की रात करीब नौ बजे वह चक्की का काम खत्म करने से पहले उसे मीट दे कर घर भेज दिया, इसके बाद वह चक्की संचालित कमरे में ताला लगा कर घर के लिए निकले । इस बीच वह लापता हो गए, सुबह राजू का शव पिपरी क्षेत्र के कसेंदा गांव में ससुर खदेरी नदी में रहे एक शीशम के पेड़ पर नेलान की रस्सी के सहारे फंदे से लटका हुआ नदी किनारे लकड़ी तोड़ने गए कुछ लोगों ने देखा, शव मिलने की सूचना ग्रामीणों तक पहुंची तो आसपास के दर्जनों गावों के सैकड़ों लोग घटनास्थल पहुंचे। लोगों की सूचना के बाद फोरेंसिक टीम के साथ पहुंची पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी किया। इस बीच पुलिस और फोरेंसिक टीम ने शैंपलिंग किया ।
जुल्म के खिलाफ आवाज समय-समय पर उड़ती रही है कभी इस आवाज ने सियासत को पलटा और कभी अत्याचार के खिलाफ उठती यह आवाज सियासत के द्वारा दफना दी गई। कहते हैं जुल्म करना तो गुनाह है ही मगर जुल्म को सहना भी गुनाह है। इसलिए जुल्म के खिलाफ आवाज हमेशा बुलंद करनी चाहिए।
(2)बेहतर दिनों की आस में ग़रीब जुल्म सहता गया
अत्याचार के खिलाफ आवाज़ उठाने की बजाय
वैसे करता रहा जैसे अमीर कहता गया
रोटी कमाने से फुर्सत मिले तो आवाज़ उठाए
भूखे पेट जुल्म के खिलाफ आवाज़ निकलेगी कैसे
अत्याचार के खिलाफ शायरी
एक हो जाओ अत्याचार के खिलाफ
जुल्म और भ्रष्टाचार के खिलाफ
जो करती है शोषण गरीबों का