गाजियाबाद में 5 मरीज़ों के अंदर डेंगू का डेन 2 स्ट्रेन लखनऊ के लैब से हुई पुष्टि, डेंगू के प्रभावित मरीज़ों की संख्या पहुँची 582

गाजियाबाद में 5 मरीज़ों के अंदर डेंगू का डेन 2 स्ट्रेन लखनऊ के लैब से हुई पुष्टि, डेंगू के प्रभावित मरीज़ों की संख्या पहुँची 582

गाजियाबाद संजयनगर के संयुक्त जिला अस्पताल की ओपीडी में बुखार पीड़ितों की संख्या लगातार बढ़ रही है 

गाजियाबाद में डेंगू के पांच मरीजों में इसका डेन-2 स्ट्रेन मिला है। दरअसल, 10 सितंबर को डेंगू के 50 पॉजिटिव और निगेटिव सैंपल जांच के लिए KGMC लखनऊ भेजे गए थे। रैंडमाइजेशन के बाद इसमें पांच केस डेन-2 सीरो टाइपिंग मिले हैं। गाजियाबाद में स्वास्थ्य विभाग के जिला सर्विलांस अधिकारी डॉक्टर आरके गुप्ता ने मंगलवार को ये जानकारी दी। अभी पिछले दिनों नोएडा में भी 17 मरीजों में डेंगू के डेन-2 स्ट्रेन की पुष्टि हुई थी।

बीते 24 घंटे में गाजियाबाद में डेंगू के 12 नए केस मिले हैं। इस प्रकार डेंगू के कुल मरीजों की संख्या 582 पहुंच गई है। गाजियाबाद में मलेरिया के 22, स्क्रब टाइफस के 15 और चिकगुनिया का एक मरीज है।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में 172 टीमों ने 4809 घरों का सर्वे किया। इसमें 117 घरों में एडीज लार्वा पाया गया। 2 घरों को स्वास्थ्य विभाग ने नोटिस दिया। वहीं 54 इलाकों में एंटी लार्वा का छिड़काव किया गया है।

डेन-2 स्ट्रेन क्यों है खतरनाक, एक्सपर्ट से जानिए...

स्वास्थ्य विभाग मेरठ मंडल के डिविजनल सर्विलांस ऑफिसर डॉ. अशोक तालियान ने बताया की , 'डेंगू के कुल चार स्ट्रेन (वायरस) होते हैं। इसमें डेन-1 और डेन-3 हल्के लक्ष्णों वाला माना जाता है। डेन-2 गंभीर माना जाता है। जबकि डेन-4 उत्तरी भारत में न के बराबर पाया जाता है।
डेन-2 स्ट्रेन के मरीजों को बुखार, जोड़ों का दर्द, आंखों के पास दर्द शुरू होने लगता है। शरीर पर लाल रंग के चकते बन जाते हैं। इन चकतों से ब्लीडिंग भी शुरू होने लगती है। प्लेटलेट्स तेजी से घटती हैं। अगर इसी दौरान डेन-2 के मरीज को हैमरेजिक बुखार हो जाए तो ये और खतरनाक हो जाता है। इसकी वजह से कई आर्गन पर असर पड़ता है।'