हरियाणा : मेवात, नूंह में हिंसा के बाद कर्फ़्यू लगाया गया, गुरुग्राम तक पहुँची हिंसा मस्जिद सेक्टर 57 स्थिति मस्जिद में लाई गई आग, मस्जिद के इमाम की मौत।
Haryana Violence.


हरियाणा: नूंह में हिंसा भड़कने के कारण दो लोगों की मौत, फरीदाबाद-गुरुग्राम में स्कूल कॉलेज बंद, नूंह में कर्फ्यू लगाया गया
नूंह में हिंसा के बाद हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज बोले- ये तो किसी ने ज़हर बोया है।
हरियाणा के नूंह में सोमवार को एक धार्मिक जलाभिषेक यात्रा के दौरान हिंसा भड़कने के बाद इलाक़े में तनाव का माहौल है और कर्फ्यू लगा दिया गया है।
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, नूंह में हुई हिंसा के कारण दो लोगों की मौत हुई है और कई लोग घायल हैं।
हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि दोषियों के ख़िलाफ़ सख़्त से सख़्त कार्रवाई की जाएगी।
नूंह के कांग्रेस विधायक आफताब आलम ने एक निजी चैनल से कहा- सालों से लोग यहां मिलजुलकर रहे हैं, एक साजिश के तहत उकसावे के साथ ये सब किया गया. सोशल मीडिया के ज़रिए उकसाया गया, मोनू मानेसर समेत कई लोग थे, जिन्होंने लोगों को चुनौती दी. ये सब प्रशासन को पता था, पूरे समाज को टारगेट किया गया।
आगे पढ़िए हिंसा भड़कने की शुरुआत के बाद से अब तक क्या कुछ हुआ।
सोमवार दोपहर करीब दो बजे, विश्व हिंदू परिषद ने नूंह में एक धार्मिक रैली आयोजित की।
रैली से पहले वीएचपी और बजरंग दल से जुड़े कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ बातें कहते हुए वीडियो शेयर की।
इस धार्मिक यात्रा में नासिर, जुनैद की हत्या के मुख्य अभियुक्त मोनू मानेसर के शामिल होने की ख़बरें थीं, इससे नूंह के लोगों में गुस्सा था।
मोनू मानेसर ने पीटीआई से कहा- वीएचपी के कहने के बाद मैं यात्रा में शामिल नहीं हुआ था।
इस रैली के शुरू होने के कुछ देर बाद ही दो गुटों में टकराव हुआ, बेकाबू भीड़ ने लोगों की गाड़ियों में आग लगा दी।
एक निजी चैनल से बात करते हुए नूंह के साइबर पुलिस थाने के पुलिसकर्मी ने बताया- भीड़ ने थाने को आग लगाने की कोशिश की।
घटनास्थल पर भारी संख्या में पुलिसबल पहुंचे।
सोमवार शाम नूंह में प्रशासन ने इंटरनेट पर दो अगस्त तक के लिए प्रतिबंध लगा दिया।
नूंह में हिंसा की आग गुरुग्राम तक पहुंची। सेक्टर 57 की मस्जिद कमेटी के चेयरमैन ने कहा- मस्जिद में भीड़ ने आग लगाई और हमले में इमाम की मौत हो गई।
गुरुग्राम और फरीदाबाद में प्रशासन ने स्कूल, कॉलेज बंद करने का एलान किया।
नूंह, गुरुग्राम समेत कई जगहों पर भारी संख्या में पुलिसबल तैनात किए गए हैं।
हरियाणा के नूंह में सोमवार को हुई हिंसा पर राज्य के गृह मंत्री अनिल विज ने मीडिया से बात की है।
अनिल विज ने मंगलवार को कहा,''नूंह में हालात नियंत्रण में हैं, वहां इंटरनेट बंद कर दिया गया है, कर्फ्यू लगा दिया गया है। पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल को भेजा गया है। जैसे ही घटना हुई, आस-पास की फोर्स को नूंह भेज दिया गया है।
विज ने बताया, ''सोमवार को जब किसी मंदिर में बड़ी संख्या में बंदी बना लिया गया था, वहां से लोगों का निकलना मुश्किल हो गया था, लोगों ने मुझे लोकेशन भेजी, तब पुलिस वहां पहुंची और सारे लोगों को बंधन से निकाला।
अनिल विज कहते हैं, ''जिस स्तर की ये हिंसा हुई है, ये अचानक भड़की हिंसा नहीं है, जहां तक मुझे पता है नूंह में दोनों समुदाय लंबे समय से प्यार से रहते हुए आए हैं। ये तो किसी ने ज़हर बोया है. किसी ने इंजीनियरिंग की है, किसी ने मास्टरमाइंड किया है, जिस तरह से एंट्री और छतों पर पत्थर रखे हुए हैं, हथियार भी हैं और गोलियां भी हैं, एकदम तो सामने आते नहीं हैं।
सोमवार को नूंह में विश्व हिंदू परिषद की ओर से जलाभिषेक यात्रा आयोजित की गई थी। इस यात्रा के दौरान दो गुटों में टकराव हुआ और हिंसा भड़क उठी।
इस हिंसा में दो लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग घायल हैं।
इस यात्रा के बारे में अनिल विज ने कहा, ''ये यात्रा कोई पहली बार तो नहीं निकली है। हर साल निकलती है, हर साल जितनी फोर्स दी जाती है, इस बार भी दी गई है, हम कोई जल्दी में किसी नतीजे पर नहीं पहुंचना चाहते हैं. तथ्यों के साथ जांच की जाएगी और जो दोषी है, उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी।
हरियाणा सरकार ने बताया कि केंद्रीय गृह सचिव से बात करके 20 कंपनियों को तैनात करने के लिए राज्य को मिली हैं और हरियाणा के सीनियर अधिकारी मौके पर मौजूद हैं।
समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए मोनू मानेसर ने दावा किया, ''विश्व हिंदू परिषद की सलाह के बाद मैं यात्रा में शामिल नहीं हुआ था, विश्व हिंदू परिषद को लगा था कि मेरे शामिल होने से हिंसा भड़क सकती है।
फरवरी 2023 में हरियाणा के भिवानी में जली मिली बोलेरो गाड़ी और दो युवकों, जुनैद और नासिर को जला कर मार दिए जाने की जांच में पिछले दिनों गोरक्षक मोनू मानेसर का नाम सुर्खियां में रहा था।
तब से मोनू मानेसर फरार चल रहे हैं, मोनू मानेसर के शामिल होने की ख़बरों के बीच भरतपुर पुलिस ने भी एक टीम नूंह भेजी थी ताकि मोनू को गिरफ्तार किया जा सके।
हरियाणा के मेवात में सोमवार को सांप्रदायिक हिंसा के बाद देर रात गुरुग्राम के सेक्टर 57 स्थित मस्जिद में आग लगाने की ख़बर है, मस्जिद की प्रबंधन समिति के चेयरमैन ने कहा, ''हिंसा की इस घटना में मस्जिद के इमाम की मौत हो गई है और यहां मौजूद दो अन्य लोग घायल हैं।
इमाम साद के भाई शादाब अनवर ने बताया मैं अपने भाई का बस चेहरा ही देख पाया हूं, अभी हम मोर्चरी पर हैं। अब एफ़आईआर दर्ज करवाएंगे, मेरे भाई पिछले सात महीने से इस मस्जिद के इमाम थे, मेरे भाई की उम्र महज़ 22 साल थी।
शादाब ने बीती रात साढ़े 11 बजे साद से बात की थी, वो बताते हैं, "हम मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं. आज मेरे भाई को वापस घर लौटना था, उसका टिकट था, मैंने उसे फ़ोन करके समझाया कि अभी माहौल ठीक नहीं है, जब तक हालात सामान्य ना हो मस्जिद से बाहर ना निकले, यही आख़िरी बात मेरी उससे हुई।
हरियाणा अंजुमन ट्रस्ट के चेयरमैन मोहम्मद असलम ख़ान ने बताया, “मेवात में हिंसा के बाद सोमवार शाम पुलिस की टीम हमारे पास पहुंची थी और हमें सुरक्षा का भरोसा दिया था।
असलम ख़ान ने बताया, “स्थानीय थाने से पुलिस की टीम हमारे पास आई थी और हमसे कहा था कि मस्जिद की सुरक्षा पुलिस करेगी. हमसे कहा गया था कि पुलिस टीम मस्जिद में ही मौजूद रहेगी, जब हमने मस्जिद के इमाम और अन्य यहां रहने वाले दो अन्य कर्मचारियों के बारे में बात की तो पुलिस ने कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है।
असलम ख़ान बताते हैं, “मग़रिब की नमाज़ पढ़ने के बाद हम मस्जिद से लौट आए थे। पुलिस भी मौजूद थी, फिर रात 12 बजे से 12.30 बजे के बीच अचानक मस्जिद पर हमला हुआ, पहले मस्जिद के कैमरे तोड़े गए और फिर आग लगा दी गई।
उन्होंने बताया, “मूल रूप से बिहार के रहने वाले और मस्जिद के इमाम साद को हमलावरों ने मार दिया, ख़ुर्शीद नाम के एक व्यक्ति घायल हैं जो आईसीयू में है, एक अन्य घायल हैं, जिन्हें मामूली चोट लगी है।
2004 में हरियाणा सरकार ने गुरुग्राम में 17 मंदिरों, 2 गुरुद्वारों, एक चर्च और एक मस्जिद के निर्माण के लिए ज़मीन आवंटित की थी, ये मस्जिद उसी ज़मीन पर बनी हैं और न्यू गुरुग्राम की इकलौती मस्जिद है, यहां आसपास रहने वाले मुसलमान नमाज़ पढ़ने आते हैं।
सोमवार को मेवात में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने एक धार्मिक यात्रा निकाली थी। इस यात्रा के दौरान दो गुटों में टकराव हुआ, जिसके बाद कई जगहों से हिंसा की ख़बरें आईं।

