*श्री कृष्ण जन्माष्टमी कब है? इस वर्ष बन रहा है दुर्लभ संयोग ! जाने शुभ मुहूर्त और तिथि*
जन्माष्ट्मी के व्रत पूजन के शुभ मुहूर्त के बारे में पंडित महेश अग्निहोत्री जी ने बताया कि इस वर्ष 6 सितंबर बुधवार को जन्माष्टमी का व्रत एवं पूजन श्रेष्ठ. रहेगाक्योंकि अष्टमी तिथि 6 सितंबर को दोपहर 3 बजकर 37 मिनट से शुरू होकर 7 सितंबर को शाम 4 बजकर 14 मिनट पर समाप्त होगी. रोहिणी नक्षत्र भी 6 सितंबर को सुबह 9 बजकर 20 मिनट से शुरू होकर 7 सितंबर के सुबह 10 बजकर 25 मिनट तक है.रोहणी नक्षत्र, बुधवार, अर्ध रात्रि पर अष्ट्मी तिथि ये सब शुभ योग
6सितम्बर 2023 को बन रहे इसलिए इसी दिन व्रत श्रेष्ठ रहेगा
दिल्ली क्षेत्र में इस रात्रि चन्द्रमा???? का उदय रात्रि 11:45
है
बाल गोपाल की पूजा का मुहूर्त 6 सितंबर को रात 11 बजकर 45 मिनट से 7 सितंबर को 12 बजकर 42 मिनट तक श्रेष्ठ है
चूँकि जन्माष्ट्मी 2 दिन मनाया जाने वाला त्यौहार है अतएव श्रद्धालु 7 सितम्बर को भी प्रेम पूर्वक व्रतोत्सव मना सकते है
पंडित -महेश अग्निहोत्री चामुंडा देवी मंदिर शाहजहांपुर मेरठ

