वाह! मिडिल ईस्ट संकट के बीच 312 और भारतीय ईरान से निकले सुरक्षित, जयशंकर ने बताया इस दोस्त ने की मदद

Jaishankar News: ईरान अमेरिका के बीच पाकिस्तान में वार्ता हो रही। इसमें युद्धविराम को आगे बढ़ाने पर सहमति के आसार नजर आ रहे। दूसरी ओर भारत लगातार ईरान में फंसे अपने नागरिकों को निकालने में जुटा है। ऐसे में विदेश मंत्री जयशंकर ने भारतीयों को लेकर बड़ा अपडेट दिया है।

वाह! मिडिल ईस्ट संकट के बीच 312 और भारतीय ईरान से निकले सुरक्षित, जयशंकर ने बताया इस दोस्त ने की मदद

नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच भले ही अभी दो हफ्ते का युद्धविराम है, बावजूद इसके मिडिल ईस्ट में संकट टला नहीं है। तनावपूर्ण हालात बने हुए हैं। ऐसे में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अहम अपडेट दिया है। उन्होंने शनिवार को बताया कि 312 और भारतीय मछुआरों को ईरान से सुरक्षित निकाला गया है। इन भारतीय मछुआरों को आर्मेनिया के रास्ते सकुशल भारत लाया गया। उन्होंने इसे मुमकिन बनाने के लिए आर्मेनिया सरकार को धन्यवाद भी दिया।


ईरान से लौटे भारतीय, जयशंकर ने दिया अपडेट

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने शनिवार को एक्स पर एक पोस्ट किया। इसमें उन्होंने लिखा, '312 और भारतीय मछुआरों को आर्मेनिया के रास्ते ईरान से सुरक्षित भारत लाया गया। इसे मुमकिन बनाने के लिए आर्मेनिया सरकार और मेरे दोस्त अरारत मिर्जोयान का शुक्रिया।' इससे पहले 5 अप्रैल को पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच ईरान में फंसे कुल 345 भारतीय मछुआरों को आर्मेनिया के रास्ते सुरक्षित चेन्नई लाया गया था।

  विदेश मंत्री ने आर्मेनिया सरकार को क्यों कहा शुक्रिया

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, संघर्ष वाले इलाके में अपने नागरिकों की सुरक्षा पक्का करने की भारत की लगातार कोशिशों के तहत मछुआरों को वापस लाया गया। विदेश मंत्री जयशंकर ने उस समय भी एक सोशल मीडिया पोस्ट में आर्मेनिया की सरकार का शुक्रिया अदा किया था और लड़ाई के बीच ईरान से भारत में भारतीय नागरिकों के सुरक्षित ट्रांजिट को मुमकिन बनाने के लिए अपने काउंटरपार्ट अरारत मिर्जोयान को धन्यवाद दिया था।



आर्मेनिया लगातार भारतीयों को निकालने में कर रहा मदद

आर्मेनिया ईरान में भारतीय नागरिकों को निकालने में मदद कर रहा है। विदेश मंत्रालय ने कहा  था कि ईरान से 1,200 से ज्यादा भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया है, जिनमें से 996 आर्मेनिया चले गए। इस बीच, खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव को सुलझाने के मकसद से बातचीत के लिए अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुंच गए। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, अमेरिका-ईरान की जरूरी बातचीत के लिए अमेरिकी डेलिगेशन का नेतृत्व कर रहे।


पाकिस्तान में हो रही ईरान-US की बात, क्या होगा फैसला?

जेसी वेंस अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ सुबह करीब 11:15 बजे (आएसटी) इस्लामाबाद पहुंचे। इस वक्त पूरी दुनिया पाकिस्तान में हो रही इस वार्ता पर अपनी नजर बनाए हुए है। पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच उच्च स्तरीय बातचीत चल रही। इसका मिडिल ईस्ट और वैश्विक अर्थव्यवस्था की स्थिरता पर बड़ा असर पड़ेगा। वेंस ने आने वाली बातचीत को लेकर सकारात्मकता की उम्मीद जताई और कहा कि हम बातचीत का इंतजार कर रहे हैं। मुझे लगता है कि यह सकारात्मक होगी।