मैनपुरी:दो माह में रिटायर्ड कर्मचारी के खाते से फर्जीबाड़ा कर 11 लाख उड़ाने वाले 4 साइबर शातिर हुए गिरफ्तार, खाते में रुपया देख आ गया लालच।
जनपद मैनपुरी की कोतवाली पुलिस और साइबर सेल टीम ने 4 साइबर शातिर गिरफ्तार किए है। जिन्होंने पीड़ित के खाते से लाखों रुपए निकालकर धोखाधड़ी और ठगी की वारदात को अंजाम दिया था। जिसमें पुलिस में 4 शातिरों को गिरफ्तार किया है जिनके कब्जे से नगदी मोबाइल और एटीएम कार्ड बरामद हुआ है फिलहाल पुलिस ने चारों आरोपियों को लिखा पढ़ी करते हुए जेल भेज दिया है।
लाखों रुपए खाते से कर दिए पार
मामला कोतवाली क्षेत्र से होटल पाम वाली गली से जुड़ा था। जहां के निवासी वीरेन्द्र शर्मा पुत्र रामेश्वर प्रसाद मैं पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देते हुए बताया था कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा धोखाधड़ी कर उनके पंजाब नेशनल बैंक के खाते से लगभग 1026970 रूपयें निकाल लिये है। मामले को संज्ञान लेकर पुलिस एसपी ने मुकदमा दर्ज कराते हुए मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के लिए पुलिस और साइबर टीम को लगाया था। जिसकी जांच में पुलिस ने आशीष गुप्ता ,प्रदीप भारद्वाज, शिवम सक्सेना, रवी श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया।
खाते में रुपए देखकर आ गया लालच
पुलिस द्वारा आरोपियों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया वीरेन्द्र शर्मा पुत्र रामेश्वर प्रसाद का कोई भी वारिस नही है। वीरन्द्र शर्मा बिजली विभाग के रिटायर्ड कर्मचारी है। अक्सर वो पीएनबी बैंक से अपने पैन्शन के पैसे निकालने के लिऐ आगरा जाते थे। जिसके लिए वह शिवम को किराये की गाडी लेकर बुलाते थे। शिवम ही उनको किराये की गाडी में ले जाकर पैसे निकलवा कर लाता था। एक दिन हम चारों लोग एक साथ बैठे थे, तो शिवम ने हमे बताया कि वीरन्द्र शर्मा के खाते में करीब 11 लाख रुपये है उसकी कोई भी सन्तान नही है। उसी समय हम चारो ने उसके खाते से पैसे निकालने की योजना बनाई।
मोबाइल का सिम कर लिया चोरी
आरोपियों ने बताया कि योजना अनुसार शिवम ने वीरन्द्र शर्मा के घर जाकर पीएनबी बैंक खाते में लगे मोबाइल नम्बर की सिम चोरी की। चोरी किये गये वीरेन्द्र शर्मा के इसी मोबाइल नम्बर से मैने अपने मोबाइल पर यूपीआई बनाया एवं पीएनबी वन एप डाउनलोड कर एक्टिवेट कर लिया। पीएनबी वन एप एक्टिवेट करने के बाद हम लोगों ने एप के माध्यम से नया एटीएम/डेविट कार्ड जारी करा लिया। उक्त मोबाइल नम्बर से सारी वेरीफिकेशन करते हुऐ एटीएम को अपने कब्जे में ले लिया और विभिन्न दुकानों/जन सेवा केन्द्रों व एटीएम से पैसे निकाल लिये।
सभी हिस्सा होता था बराबर
आरोपियों ने बताया हमारे द्वारा सबसे पहले दिनांक 30.05.2023 को बीस हजार रुपये एटीएम से निकाले गये। उसके बाद हमने एटीएम व यूपीआई से पैसे निकालने शुरु कर दिये। हम चारों एक साथ जाकर पैसे निकालते थे और उन्हे बराबर बराबर बाँट लेते थे। वीरेन्द्र शर्मा के चोरी किये गये सिम को हमने तोडकर फेंक दिया। पकड़े जाने के डर से हम अपनी-अपनी रिस्तेदारियों में चले गये थे। मेरे पास वीरेन्द्र शर्मा के खाते से निकाले हुए 152000 रुपये रखे हुऐ थे। जिनकों बाटने के लिए हम लोग एकत्रित हुए थे। जिन्हें आज पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है।

