दिल्ली ब्लास्ट की कश्मीर के जंगलों में हुई लाइव टेस्टिंग! सुसाइड बॉम्बर ने की थी खतरनाक प्लानिंग
दिल्ली में लाल किले के पास हुए कार बम धमाके के बुधवार को एक महीने होने वाले हैं। इस दौरान जांच में पता चला है कि सुसाइड बॉम्बर ने धमाके से पहले कश्मीर के जंगलों में विस्फोटकों का परीक्षण किया था। एनआईए को वहां एक सिलेंडर भी मिला है।
दिल्ली धमाके से पहले कश्मीर के जंगलों में ट्रायल!
नई दिल्ली: 10 नवंबर को दिल्ली में लाल किला के पास हुए आत्मघाती बम धमाके को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। एनआईए की जांच में पता चला है कि दिल्ली को दहलाने से पहले सुसाइड बॉम्बर Dr. Amar-un-navi ने कश्मीर के जंगलों में विस्फटकों की टेस्टिंग की थी और फिर उस आतंकवादी वारदात को अंजाम दिया, जिसमें 15 लोगों की जान चली गई और कई जख्मी हो गए। एनआईए ने मंगलवार को कार धमाके के सिलसिले में जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जिले में स्थित मट्टन वन क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया है।
कश्मीर के जंगलों में धमाके की ट्रायल!
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार को एनआईए ने जम्मू और कश्मीर के अनंतनाग जिले में मट्टन फॉरेस्ट एरिया में छापेमारी की है। इससे पहले जांचकर्ताओं को यह पता चला था कि दिल्ली आतंकी धमाके का मुख्य आरोपी सुसाइड बॉम्बर डॉ उमर नबी ने कथित तौर पर यहीं पर विस्फोटकों का परीक्षण किया था। यह परीक्षण दिल्ली में धमाकों को अंजाम देने की तैयारियों के तहत ही किया गया था।
सुसाइड बॉम्बर के साथी लेकर पहुंचे
मंगलवार की छापेमारी में एनआईए की टीम की सहायता के लिए जम्मू और कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ भी साथ रही। इस दौरान एनआईए अपने साथ इस आतंकी केस में गिरफ्तार आरोपी डॉ अदील राथर और जसीर बिलाल वानी को भी अपने साथ लेकर पहुंची, ताकि जंगल में उस जगह तक पहुंचा जा सके, जहां ने विस्फोटक का Suicidal attack ट्रायल किया था। जानकारी के मुताबिक दोनों आरोपियों ने पहले ही जंगल के उस ठिकाने के बारे में खुलासा किया था।
आतंकी मॉड्यूल के टेरर लिंक की जांच
छापेमारी के दौरान जांचकर्ताओं ने एक क्षतिग्रस्त सिलेंडर बरामद किया है, जिसके बारे में माना जा रहा है कि इसका इस्तेमाल विस्फोटक के ट्रायल के दौरान किया गया था। अब जांच एजेंसी यहां इस्तेमाल किए गए विस्फोटक की छानबीन करने में जुटी है, जो कि दिल्ली धमाके की व्यापक जांच का हिस्सा है। अधिकारियों के मुताबिक जंगलों में और भी जांच जारी है, ताकि वहां हुई ट्रायल और व्हाइट कॉलर आतंकी मॉड्यूल के व्यापक नेटवर्क के प्रत्येक कड़ी को जोड़ा जा सके
White color terrorist modual के केंद्र के रूप में अबतक दिल्ली से सटे फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी का नाम सामने आया है। क्योंकि, दिल्ली धमाके से जुड़े कई आरोपी सीधे यहीं से जुड़े हुए हैं,जो पेशे से डॉक्टर हैं। इनमें खुद फिदायीन हमलावर डॉ उमर उन नबी भी शामिल था।

