सीएचसी में अधीक्षक से छिपाकर निकाले गये लाखों रुपये

हमीरपुर। सीएचसी सरीला के अधीक्षक की बिना जानकारी के गत 12 वर्षो से तैनात एक स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी व 8 वर्षो से संविदा पर कार्यरत ब्लाक लेखा प्रबंधक ने अवकाश के दिन करीब 5 लाख 6 हजार 109 रुपये का भुगतान करने के मामले मे कार्यवाही होते देख स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी ने बेड रेस्ट ले लिया वहीं ब्लाक लेखा प्रबंधन लोकल नेटवर्क के जरिये अधीक्षक पर दबाव बनाने मे जुट गये हैं। सीएचसी अधीक्षक ने उक्त दोनों को वित्तीय अनियमितताओं पर नोटिस जारी कर उच्चाधिकारियों से कार्यवाही करने के लिये अवगत कराया है। बताते चलें कि दो माह पूर्व सरीला सीएचसी का पदभार संभालने वाले डा. दीपक मणि नायक को पाँच लाख छः हजार एक सौ नौ रुपये निकाले जाने की सूचना मिली थी। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी प्रेमचंद्र राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यक्रम के भुगतान में द्वितीय हस्ताक्षरी है। जिनके द्वारा 30 जुलाई को अवकाश के दिन रविवार को क्रमशः 1,65000, 2,22000 एवं 1,19109 की धनराशि का ऑनलाइन भुगतान डीएससी द्वारा एप्रूवल किया गया है। यह भुगतान किस हेतु और किसके आदेश पर किया गया। इसकी अधोहस्ताक्षरी को जानकारी नहीं दी गयी। जो कि प्रथम दृष्टया वित्तीय अनिमित्ता प्रतीत हो रही हैं। इस आनलाइन भुगतान में ब्लाक लेखा प्रबन्धक मजीद अहमद की भी भूमिका है। उक्त धनराशि का ऑनलाइन भुगतान इनके द्वारा किया गया है जिसका कोई देयक प्रस्तुत नहीं किया गया है। उक्त के सम्बन्ध में जब दोनों से स्पष्टीकरण मांगा गया तो स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी ने बेड रेस्ट ले लिया वहीं ब्लाक लेखा प्रबंधन लोकल नेटवर्क के जरिये अधीक्षक पर दबाव बनाने मे जुट गये। अधीक्षक डा. दीपक मणि नायक ने बताया कि स्पष्टीकरण सत्य एवं सन्तोषजनक न होने पर उच्चधिकारियों को अवगत कराया जायेगा। साथ ही स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी पर कार्यवाही तथा संविदाकर्मी की संविदा समाप्त करने की संस्तुति की जायेगी। इस घोटाले की सूचना से जिला अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी व जिला कार्यक्रम प्रबन्धक, प्रबन्धन इकाई को अवगत कराया गया है।

सीएचसी में अधीक्षक से छिपाकर निकाले गये लाखों रुपये