उत्तर प्रदेश : कांग्रेस अल्पसंख्यक अध्यक्ष शाहनवाज़ आलम आज संपूर्ण उत्तर प्रदेश में हस्ताक्षर अभियान चलाएँगे।
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यूपी कांग्रेस अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष शाहनवाज आलम ने कहा कि 5 लाख हस्ताक्षर का टार्गेट है, जिसे संविधान के संरक्षक सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को भेजा जाएगा।
2024 के लोकसभा चुनाव के मद्देनजर उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का अल्पसंख्यक मोर्चा 5 लाख लोगों तक पहुंचने का अभियान शुरू कर रहा है. इस अभियान में 'मेरा संविधान-मेरा स्वाभिमान' कार्यक्रम के तहत लोगों तक पहुंचकर हस्ताक्षर अभियान चलाएगी, प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष शाहनवाज आलम इसकी शुरुआत कर रहे हैं, उनका कहना है कि यूपी अल्पसंख्यक कांग्रेस संविधान बदलने की कोशिशों के खिलाफ दलित और मुस्लिम समुदाय के बीच 5 लाख हस्ताक्षर इकट्ठा करेगा, इसके लिए पहली सितंबर से 6 सितंबर तक अभियान चलेगा।

शाहनवाज आलम ने कहा कि 21 अगस्त को प्रदेश भर से पीएम के आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष बिबेक देबरॉय की ओर से संविधान बदलने की मांग के साथ लिखे गए लेख पर स्वतः संज्ञान लेने के लिए सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन भेजा गया था, अब एक से 6 सितंबर तक बीजेपी सरकार की ओर से संविधान बदलने की साजिशों की खिलाफ लोगों का हस्ताक्षर लिया जाएगा, पूरे प्रदेश से 5 लाख हस्ताक्षर का टार्गेट है, जिसे संविधान के संरक्षक सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को भेजा जाएगा।
हस्ताक्षर अभियान के साथ पर्चा भी बांटा जाएगा।
यूपी कांग्रेस अल्पसंख्यक मोर्चा ने बताया कि हस्ताक्षर अभियान के साथ ही पर्चा भी बांटा जाएगा, जिसमें बताया गया है कि संविधान लागू होने के 4 दिन बाद ही 30 नवंबर 1949 को आरएसएस ने अपने मुखपत्र ऑर्गनाइजर में सबको बराबरी का दर्जा देने वाले संविधान की जगह मनुस्मृति लागू करने की मांग की थी, पर्चे में यह भी बताया गया है कि अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने भी संविधान बदलने की कोशिश के तहत संविधान समीक्षा आयोग बनाया था लेकिन पूर्ण बहुमत न होने के कारण पीछे हट गई थी।
7 अगस्त से चला था 'जय जवाहर-जय भीम' अभियान।

शाहनवाज आलम ने आगे बताया कि पर्चे में दलितों की जमीन गैर दलितों की ओर से खरीदने पर लगी रोक को योगी सरकार की तरफ से शहरी विकास के नाम पर खत्म कर देने की भी बात कही गई है, इससे पहले अल्पसंख्यक कांग्रेस की ओर से दलित आबादी में स्थित 3 हजार चाय की दुकानों पर संविधान चर्चा का कार्यक्रम किया गया था, वहीं 7 अगस्त से 13 अगस्त तक 'जय जवाहर-जय भीम' अभियान भी चला था। इसमें 7 लाख से ज्यादा दलित परिवारों तक अल्पसंख्यक कांग्रेस के कार्यकर्ता पहुंचे थे।
'यूपी में दलित और मुस्लिम ही अकेले 41 प्रतिशत।
कांग्रेस ने कहा कि 'मेरा संविधान-मेरा स्वाभीमान' अभियान के तहत भी मस्जिदों के बाहर पर्चा बांटने, कचहरियों में दलित वकीलों से संपर्क करने और कांशीराम आवास कॉलोनियों पर ज्यादा फोकस रहेगा। इस दौरान यह समझाया जाएगा कि 2014 और 2019 में बीजेपी को कुल क्रमशः 31 और 37 प्रतिशत वोट मिले थे जबकि यूपी में दलित और मुस्लिम ही अकेले 41 प्रतिशत हैं।

