अमेरिका के दौरे पर रवाना हुए नौसेना प्रमुख, जानिए 5 दिन की यात्रा का क्या है खास मकसद?
दिल्ली ब्लास्ट के दो दिन बाद, भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी 12 से 17 नवंबर, 2025 तक अमेरिका की आधिकारिक यात्रा पर हैं। इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच समुद्री साझेदारी को और मजबूत करना है। वे अमेरिकी रक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और नौसैनिक नेतृत्व से मुलाकात करेंगे।
दिल्ली ब्लास्ट के दो दिन बाद, भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी 12 से 17 नवंबर, 2025 तक अमेरिका की आधिकारिक यात्रा पर हैं। इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच समुद्री साझेदारी को और मजबूत करना है। वे अमेरिकी रक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और नौसैनिक नेतृत्व से मुलाकात करेंगे।
नेवी चीफ दिनेश कुमार त्रिपाठी
नई दिल्ली: दिल्ली ब्लास्ट के ठीक 2 दिन बाद, भारत के नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी 12 से 17 नवंबर, 2025 तक संयुक्त राज्य अमेरिका की आधिकारिक यात्रा पर रवाना हो गए हैं। इस यात्रा का उद्देश्य भारतीय नौसेना और संयुक्त राज्य अमेरिका की नौसेना के बीच मजबूत और स्थायी समुद्री साझेदारी को और मजबूत करना है, जो भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी का एक प्रमुख स्तंभ है।
इसके अलावा नौसेना प्रमुख अमेरिकी युद्ध विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श करेंगे। वे अन्य वरिष्ठ नौसैनिक नेतृत्व और गणमान्य व्यक्तियों के अलावा, संयुक्त राज्य अमेरिका हिंद-प्रशांत कमान के कमांडर एडमिरल सैमुअल जे. पापारो और संयुक्त राज्य अमेरिका प्रशांत बेड़े के कमांडर एडमिरल स्टीफन टी. कोहलर से भी मुलाकात करेंगे।
दोनों देशों के बीच रक्षा संबंध मजबूत होंगे
ये बातचीत दोनों नौसेनाओं के बीच मौजूदा समुद्री सहयोग की समीक्षा, परिचालन-स्तरीय संबंधों को बढ़ाने और सूचना साझाकरण एवं समुद्री क्षेत्र जागरूकता तंत्र को मजबूत करने का अवसर प्रदान करेंगी। इस यात्रा में अमेरिकी नौसेना के प्रमुख नौसैनिक संस्थानों और परिचालन कमानों के साथ भी बैठकें शामिल होंगी। चर्चाएं हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझा समुद्री प्राथमिकताओं, मिलान जैसे बहुपक्षीय ढाँचों के अंतर्गत सहयोग और संयुक्त समुद्री बल (सीएमएफ) पहलों पर केंद्रित रहने की उम्मीद है।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना के साथ सहयोग और मजबूत करने की कोशिश
भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच दीर्घकालिक समुद्री साझेदारी है जो आपसी विश्वास और साझा मूल्यों पर आधारित है। नौसेना प्रमुख की यह यात्रा एक स्वतंत्र, खुले, समावेशी और नियम-आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र के दृष्टिकोण को साकार करने हेतु अमेरिकी नौसेना के साथ सहयोग को गहरा करने की भारतीय नौसेना की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।

