ISRO ने चंद्रयान-3 ऑर्बिट मैन्यूवरिंग को पूरी सफलता के साथ पार कर लिया है.

ISRO ने चंद्रयान-3 ऑर्बिट मैन्यूवरिंग को पूरी सफलता के साथ पार कर लिया है.

         ISRO ने चंद्रयान-3 (Chandrayaan-3) की पहली ऑर्बिट मैन्यूवरिंग को पूरी सफलता के साथ पार कर लिया है. अब उसकी पहली कक्षा बदल चुकी है. चंद्रयान अब 42 हजार किलोमीटर से ज्यादा की कक्षा में पृथ्वी के चारों ओर अंडाकार चक्कर लगाने वाला है। फिलहाल इसरो के वैज्ञानिक कक्षा से जुड़े डेट का विशलेषण कर रहे हैं. चंद्रयान-3 को 179 किलोमीटर की पेरीजी 36,500 किलोमीटर की एपोजी वाले अंडाकार कक्षा में डाल दिया गया था. ये कम दूरी की पेरोजी है. वहीं लंबी दूरी की एपोजी बताई गई है. पहले ऑर्बिट मैन्यूवर में एपोजी को बढ़ा दिया गया है. यह 36,500 किलोमीटर से बढ़ाकर 42 हजार किलोमीटर कर दिया गया।