गरीबों की निवाले पर राशन डीलर ने डाला डाका
गरीबों की निवाले पर राशन डीलर ने डाला डाका
बलरामपुर :-छत्तीसगढ़ सरकार प्रत्येक परिवार को राशन देने का काम ग्रामीण क्षेत्रों में कर रही है इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार लाखों करोड़ों रुपए हर महीने खर्च कर रही है ताकि हर गरीब परिवार तक राशन पहुंच सके लेकिन राशन डीलर की मनमानी से राशन गरीबों तक नहीं पहुंच पा रहा है,,,
आपको बता दे की बलरामपुर जिले के विकासखंड वाड्रफनगर की ग्राम पंचायत कोगवार से एक ऐसा ही मामला सामने निकल कर आया है जहां पर राशन कार्डधारी को दो महीने से चावल नहीं मिला है वही राशन नहीं मिलने से ग्रामीण बहुत परेशान है....
कोगवर के ग्रामीणों ने बताया कि जुलाई और अगस्त महीने का राशन नहीं मिला है किसी किसी को 5 या 10 किलो दिया गया है वही लगभग सैकड़ो राशन कार्ड धारी को चावल 2 महीने का नहीं मिला है वही राशन कार्ड धारी ने बताया कि हम दुकान से 25-30 रुपए किलो चावल खरीद कर घर मैं खाना बना रहे हैं घर में खाने के लिए चावल नहीं है बच्चों को बहुत तकलीफ होता है बच्चे स्कूल जाते हैं....
ग्रामीण ने बताया कि जब हम चावल लेने के लिए शासकीय उचित मूल्य दुकान में जाते है तो सेल्समैन के द्वारा बोल दिया जाता है कि चावल नहीं आया है आएगा तो आपको मिलेगा
वहीं ग्रामीण के द्वारा इस समस्या के बारे में सैकड़ो की संख्या में वाड्रफनगर के फ़ूड खाद्य अधिकारी को जानकारी दी गई
जानकारी होने के बाद भी अभी तक उन ग्रामीणों को चावल नहीं मिला है वहीं फूड अधिकारी ने बताया कि तहसीलदार के माध्यम से जांच हो गया है लेकिन कोई स्पष्ट कुछ जवाब खाद्य अधिकारी के द्वारा नहीं मिला
जब हमारे टीम ने इसके बारे में रघुनाथ नगर तहसीलदार से फोन के माध्यम बात की गई तो उन्होंने बताया कि अगले सप्ताह ही मेरे द्वारा जांच कर जांच प्रतिवेदन एसडीएम कार्यालय में भेज दिया गया है वही तहसीलदार ने बताया कि वहां मामला गंभीर है और उच्च अधिकारी इसके बारे में कार्रवाई करने के लिए सक्षम है...
इसके बारे में वाड्रफनगर के एसडीएम से फोन के माध्यम से बात की गई तो उन्होंने बताया कि एक सप्ताह पहले ही नोटिस जारी कर दिया गया था लेकिन अभी तक राशन डीलर के द्वारा नोटिस का जवाब नहीं दिया गया है हम दोबारा जांच कर उचित कार्रवाई करेंगे...
ग्रामीणों ने प्रशासन को दी अल्टीमेट व आगामी विधानसभा चुनाव बहिष्कार करने की बात की
जिससे ग्रामीणों ने प्रशासन को अल्टीमेटम भी दिया है कि अगर हमें चावल नहीं मिलता है तो हम मुख्य मार्ग को जाम करेंगे वहीं आगामी विधानसभा चुनाव का भी बहिष्कार करेंगे जिसका खामीयाजा सरकार को भुगतना पड़ेगा और सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की

