दमकल की स्पीड को सलाम, रिहायशी क्या जंगल तक में पहुंचकर बचा रही जानमाल - जानिए पूरा मामला
नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में सफारी के दौरान कैंटर में लगी आग से मचा हड़कंप। 15 पर्यटकों को सुरक्षित बचाया गया। यहां पढ़ें... दमकल की त्वरित कार्रवाई, शेरों के बीच फंसे सैलानी के रेस्क्यू से जुड़ी पूरी जानकारी
नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में सफारी के दौरान कैंटर में लगी आग से मचा हड़कंप।
जयपुर: जयपुर के दिल्ली रोड स्थित नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में रविवार दोपहर बाद कोहराम मच गया। पर्यटकों से भरे वन विभाग का वाहन (कैंटर) में आग लग गई थी। इस कैंटर में 15 पर्यटक सवार थे। सैलानी कैंटर में बैठकर सफारी कर रही थे। इसी दौरान वाहन के इंजन में से धुआं निकलने लगा। धुंआ बस में भरने लगा तो पर्यटक चिल्लाने लगे। जब दम घुटने लगा तो कुछ पर्यटक वाहन (कैंटर) से उतरने लगे तो चालक ने उन्हें उतरने से रोक दिया। कैंटर चालक ने तुरंत कंट्रोल रूम में कॉल कर दूसरा वाहन मंगवाया। करीब 5 से 7 मिनट में दूसरा वाहन पहुंचा और फिर पर्यटकों को दूसरे कैंटर में शिफ्ट किया गया।
आग की लपटों में जला कैंटर
करीब 8 से 10 मिनट तक धुआं फैलने के बाद कैंटर के इंजन में चिंगारी भड़की और आग लग गई। जैसे ही आग भड़की तो पूरी बस उसकी चपेट में आ गई। चूंकि वाहन में धुंआ पहले से भर चुका था। ऐसे में पूरे कैंटर ने आग पकड़ ली। शुरुआत में वन विभाग की दमकल से पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन जब आग ज्यादा फैल गई तो दमकल को बुलाया गया। आमेर फायर स्टेशन से करीब 10 मिनट में दमकल पहुंची। दमकल ने करीब आधे घंटे में आग पर काबू पाया। दमकल के पहुंचने से पहले कैंटर आग की लपटों में घिरा रहा।
शेरों के बीच अटके 15 पर्यटक
नाहरगढ बायोलॉजिकल पार्क में सफारी के दौरान जब कैंटर में आग लगी। तब वह कैंटर शेर 'शक्ति' के इलाके से गुजर रहा था। वहां पर शक्ति आसपास ही भ्रमण करता रहता है। कैंटर में धुंआ उठने के दौरान जब कुछ पर्यटक कैंटर का गेट खोलकर नीचे उतरने लगे तब चालक ने यह कहते हुए नीचे उतरने से रोका कि बाहर शेर घूम रहा है। इसके बाद डर के मारे कोई नीचे नहीं आया। कैंटर में धुंआ फैला हुआ था और बाहर शेर घूम रहा था। ऐसी स्थिति में पर्यटकों की सांसें अटक गई। कैंटर चालक की तत्परता से कंट्रोल रूम से तुरंत ही दूसरा वाहन आ गया जिसमें पर्यटकों को शिफ्ट कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। घटना के समय कैंटर में 15 पर्यटक सवार थे।
डेढ़ महीने में दूसरी बड़ी घटना
पिछले डेढ महीने में यह दूसरी घटना है जो बड़ा हादसा होते होते टल गई। 15 दिन पहले सैलानियों से भरा वाहन सफारी से गुजर रहा था तब गाड़ी का पहिया कीचड़ में धंस गया था। जहां वाहन का टायर दल दल में फंसा, वहां पास में ही शेर बैठा हुआ था। यानी पर्यटकों की गाड़ी के ठीक पीछे पेड़ के नीचे शेर बैठा हुआ था। गाड़ी का टायर कीचड़ में धंसने और गाड़ी के पीछे शेर दिखाई देने पर सभी पर्यटक घबरा गए थे। करीब आधे घंटे बाद कंट्रोल रूम से दूसरी गाड़ी बुलाई गई और फिर पर्यटकों को शिफ्ट किया गया।

