VIP एंट्री, कारों का काफिला... एग्जाम पास करते ही ऐसे गांव लौटा युवक, इंडिया में किया टॉप
हरियाणा के युमनानगर में एक युवक ने वीआईपी एंट्री मारी. एक एग्जाम पास करते ही उसका ऐसा स्वागत किया गया जैसे कोई मंत्री या नेता हो. युवक ने इंडिया में चौथा रेंक हासिल किया.
ISRO की भर्ती परीक्षा में पूरे भारत में चौथा रैंक करने वाले पारस नेहरा का गांव में जोरदार स्वागत, ढोल नगाड़े और केक काटकर परिवार और गांव के लोगों ने जश्न मनाया. पारस नेहरा बोले- जब किसी काम को इंजॉय के साथ करते हैं वह स्ट्रगल नहीं लगता.
इसरो की परीक्षा में पूरे देश में चौथा रैंक हासिल करने वाले पारस नेहरा आज गांव पहुंचे. उनका स्वागत किसी बड़े नेता और मंत्री की तरह पूरे गांव के लोगों ने किया. ढोल नगाड़ों और केक काटकर उसके गांव आने का जश्न मनाया गया. पारस नेहरा ने कहा कि किसी काम को इंजॉय के साथ करते हैं तो वह संघर्ष नहीं लगता. माता-पिता भी काफी खुश नजर आए. यमुनानगर जिले के टॉपर कल के रहने वाले पारस नेहरा ने वह काम किया है जो युवा शायद सपने में भी नहीं सोचता होगा. उन्होंने इसरो की परीक्षा में पूरे देश में चौथा रैंक हासिल किया है.
हालांकि, नतीजा तो कई दिन पहले आ गए थे, लेकिन आज जैसे ही वह गांव में पहुंचे तो ढोल नगाड़ों के साथ उनका जोरदार स्वागत किया गया. घर पहुंचने पर के काट कर उनके रैंक की खुशी मनाई गई. पारस नेहरा ने कहा कि किसी काम को आनंद के साथ करते हैं तो वह संघर्ष नहीं लगता बल्कि दूसरे लोगों को लगता है. उन्होंने कहा कि अगर आप एक बड़ा गोल अपने सामने रखेंगे तो एक न एक दिन वह जरूर साकार होता है. गांव पहुंचने पर उनकी माता सुदेश नेहरा और पिता सुरेश ने नेहरा काफी गदगद नजर आए. उन्होंने कहा कि मेरे बेटे ने पूरे देश में मेरा नाम रोशन किया है. ऐसा बेटा हर मां बाप को मिले.
पारस नेहरा ने इसरो की परीक्षा में चौथा रैंक हासिल कर न सिर्फ अपने परिवार, गांव, बिरादरी बल्कि पूरे हरियाणा का नाम रोशन कर दिया. उसकी इस उपलब्धि से पूरा परिवार गदगद है. इसरो के लिए डेढ़ लाख युवाओं ने किशन आजमाई थी जिनमें से 153 युवाओं का चयन हुआ है. लेकिन खुशी की बात यह है कि पारस नेहरा को पूरे भारत में चौथा रैंक हासिल हुआ है.
पारस नेहरा की उपलब्धि
पारस नेहरा ने साल 2016 में फरीदाबाद के विद्या निकेतन स्कूल से नॉन मेडिकल की 12वीं की परीक्षा फर्स्ट डिवीजन से पास की उसके बाद साल 2020 में महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी रोहतक से मैकेनिकल इंजीनियर से बीटेक की डिग्री भी फर्स्ट डिवीजन से पास की जिसमें उन्हें यूनिवर्सिटी स्तर पर गोल्ड मेडल भी मिला. उन्होंने साल 2022 में आईआईटी गुवाहाटी से प्लयूड एंड थर्मल सब्जेक्ट में m.tech की डिग्री हासिल की. मैकेनिकल डिजाइन में साल 2024 में आईआईटी दिल्ली से m. Tech की डिग्री फर्स्ट डिवीजन में पास की. फरवरी 2024 में उन्होंने इस पोस्ट के लिए लिखित परीक्षा दी जिसमें उनका अब चयन हुआ है.

