उत्तर प्रदेश कानपुर उद्योगपति आनंद महिंद्रा पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज होने के बाद कंपनी ने दी सफाई।
Uttar Pradesh Kanpur
उत्तर प्रदेश : कानपुर के एक व्यक्ति ने मशहूर उद्योगपति पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था, अब कंपनी की तरफ से जारी बयान में पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना जताई गई है।
उद्योगपति आनंद महिंद्रा पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज होने के बाद कार निर्माता कंपनी की सफाई आई है, महिंद्रा ने 18 महीने पुराने मामले में सफाई देते हुए कहा कि 2020 में निर्मित स्कॉर्पियो S-9 वैरिएंट में एयरबैग थे, प्रवक्ता की तरफ से जारी बयान में कहा गया, "जांच के दौरान पाया गया कि एयरबैग में कोई खराबी नहीं थी, उन्होंने कहा कि मामला गाड़ी पलटने का था, बता दें कि कार निर्माता कंपनी महिंद्रा का जवाब कानपुर निवासी बुजुर्ग की धोखाधड़ी के आरोप पर आया है।
धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज होने के बाद सफाई।
बुजुर्ग शख्स के बेटे की कार दुर्घटना का शिकार हो गई थी, पिता ने बताया कि हादसे के वक्त बेटे ने सीट बेल्ट पहनी थी, इसके बावजूद एयरबैग नहीं खुले, सड़क दुर्घटना में बेटे की मौत हो गई, बेटे की मौत से आहत पिता ने उद्योगपति आनंद महिंद्रा समेत 13 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करवाया, खबर के मुताबिक कानपुर की जूही कॉलोनी में राजेश मिश्रा रहते हैं। उन्होंने 2020 में बेटे अपूर्व मिश्रा के लिए महिंद्रा कंपनी की स्कॉर्पियो कार जरीब चौकी स्थित श्री तिरुपति ऑटो एजेंसी से 17 लाख रुपये में ली थी।
उद्योगपति आनंद महिंद्रा के खिलाफ है मामला।
दो साल बाद यानी 2022 में बेटा दोस्तों के साथ लखनऊ गया। 14 जनवरी को वापसी के समय कानपुर में कोहरा ज्यादा होने के कारण कार डिवाइडर से टकराकर पलट गई, राजेश मिश्रा का आरोप है कि सीट बेल्ट पहनने के बाजवदू कार में लगे एयरबैग नहीं खुले। इस वजह से बेटे की जान चली गई, उन्होंने कहा कि एयरबैग खुलने पर बेटे की जान बच सकती थी।
कंपनी की तरफ से दी गई सफाई में कहा गया कि गाड़ी पलटने की स्थिति में एयरबैग नहीं खुलते हैं। टेक्नीकल टीम ने अक्तूबर 2022 में विस्तृत जांच की थी, फिलहाल, मामला अदालत में विचाराधीन होने की वजह से ज्यादा नहीं बोला जा सकता है। जांच में अधिकारियों को कंपनी का सहयोग मिलेगा, पीड़ित परिवार के प्रति आनंद महिंद्रा की कंपनी ने संवेदना व्यक्त की है।

