राजस्थान : कांग्रेस नेता राहुल गांधी की बढ़ी मुश्किलें, चुनाव आयोग ने भेजा नोटिस, जेबकतरा, पनौती कमेंट पर सख़्त हुआ चुनाव आयोग।

चुनाव आयोग ने नोटिस जारी करते हुए राहुल गांधी से 25 नवंबर तक जवाब देने के लिए कहा है। नोटिस में बीजेपी की ओर से शिकायत करने का भी जिक्र है। राहुल ने भाषण में पनौती और जेबकतरा का इस्तेमाल किया था।

राजस्थान : कांग्रेस नेता राहुल गांधी की बढ़ी मुश्किलें, चुनाव आयोग ने भेजा नोटिस, जेबकतरा, पनौती कमेंट पर सख़्त हुआ चुनाव आयोग।

राजस्थान : चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए की गईं 'पनौती', 'जेबकतरे' और कर्ज माफी संबंधी टिप्पणियों के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इससे राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ने की संभावना है। राहुल को तय समय के भीतर अपना जवाब देना होगा। यदि चुनाव आयोग कांग्रेस नेता के जवाब से संतुष्ट नहीं होता है तो कार्रवाई भी की जा सकती है।

चुनाव आयोग ने नोटिस जारी करते हुए राहुल गांधी से 25 नवंबर तक जवाब देने के लिए कहा है। नोटिस में बीजेपी की ओर से शिकायत करने का भी जिक्र है। राहुल ने अपने भाषण में कहा था कि जेबकरते होते हैं, जब दो जेब करते किसी की जेब काटना चाहते हैं तो सबसे पहले क्या करते हैं। ध्यान हटाने का काम करते हैं। एक आता है सामने और आपसे कोई बातचीत करता है ताकि आपका ध्यान इधर-उधर हो जाए। इस बीच दूसरा आपकी जेब काट लेता है। जेबकतरा सबसे पहले आपका ध्यान हटाता है। नरेंद्र मोदी जी का काम आपके ध्यान को इधर-उधर करने का है। इसके अलावा, वर्ल्ड कप फाइनल के बारे में राहुल गांधी ने पीएम मोदी को घेरते हुए कहा था कि कभी क्रिकेट मैच में चला जाएगा, वो बात अलग है कि हरवा दिया। पनौती पीएम मतलब पनौती मोदी। तीसरे जिस बयान का जिक्र किया गया है, उसमें है राहुल ने कहा है कि कभी उदाहरण देता हूं आप पिछले नौ साल में नरेंद्र मोदी जी ने 14,00,000 करोड़ रुपया हिंदुस्तान के सबसे बड़े अरबपतियों का कर्जा माफ किया है।        

बीजेपी ने बीते दिन राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज करवाई थी। बीजेपी महासचिव राधा मोहन दास अग्रवाल और एक अन्य पदाधिकारी ओम पाठक सहित पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ भी निर्वाचन आयोग से कार्रवाई की मांग की थी और उन पर यह झूठा दावा करने का आरोप लगाया कि मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब उनकी जाति गुजरात की अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) सूची में शामिल थी। बीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने निर्वाचन आयोग को सौंपे गए अपने ज्ञापन में कहा था कि झूठ का जाल फैलाने में लिप्त खरगे और गांधी की टिप्पणियां इन अपराधियों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू करने और सख्त कार्रवाई की मांग करती हैं क्योंकि उनके आचरण में नैतिक मूल्यों के साथ-साथ चुनाव कानूनों और आदर्श आचार संहिता के दिशानिर्देशों के लिए भी कोई सम्मान नहीं है।

बीजेपी महासचिव अग्रवाल ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी पर भी तीखा हमला बोला था और उन्हें घाटिया मानसिकता का 'मूर्ख, अशिक्षित और मूल्यहीन' व्यक्ति करार दिया, जो 'वैश्विक रूप से सम्मानित' नेता के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी कर रहे हैं। पार्टी ने ज्ञापन में कहा, ''हम निर्वाचन आयोग से अनुरोध करते हैं कि मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के खिलाफ उनके लगातार धोखाधड़ी, आधारहीन और अपमानजनक आचरण के लिए उचित कानूनी कार्रवाई करके तत्काल हस्तक्षेप किया जाए और उनके खिलाफ निषेधात्मक आदेश पारित किया जाए।'' ज्ञापन में कहा गया है, ''अन्यथा, यह चुनावी माहौल को खराब कर देगा और इससे सम्मानित व्यक्तियों को बदनाम करने के लिए अपशब्दों, आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल और झूठी खबरों को रोकना मुश्किल हो जाएगा।'' राहुल गांधी ने अहमदाबाद में विश्व कप क्रिकेट के फाइनल मैच में ऑस्ट्रेलिया से भारत की हार के बाद राजस्थान में एक चुनावी भाषण में मोदी के खिलाफ 'पनौती' शब्द का इस्तेमाल किया था।