जो रूट के नाम अद्भुत रिकॉर्ड, विराट कोहली-रोहित शर्मा कहीं नहीं टिकते, सचिन देख मुस्कुरा रहे होंगे!

फैब-4 का हिस्सा रहे जो रूट टेस्ट क्रिकेट में सबसे आगे निकलते हुए नजर आ रहे हैं। उनके एक खास रिकॉर्ड के आगे विराट कोहली और शुभमन गिल कहीं नहीं टिकते हैं।

जो रूट के नाम अद्भुत रिकॉर्ड, विराट कोहली-रोहित शर्मा कहीं नहीं टिकते, सचिन देख मुस्कुरा रहे होंगे!

नई दिल्ली: इंग्लैंड क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज जो रूट टेस्ट में सचिन तेंदुलकर के सबसे ज्यादा रनों के रिकॉर्ड का पीछा कर रहे हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ जारी टेस्ट सीरीज में रूट के पास 14 हजार टेस्ट रनों का आंकड़ा छूने का मौका है। इंग्लैड की मौजूदा टेस्ट टीम में कोई भी रूट की टक्कर का खिलाड़ी नहीं है। सिर्फ बल्ले से नहीं गेंद से भी वह कमाल करते हैं। उनके खाते में 13,952 रनों के साथ ही 73 विकेट भी हैं। विराट कोहली और शुभमन गिल इस मामले में रूट के आगे कहीं नहीं टिकते हैं।

जो रूट का अद्भुत कारनामा

फैब-4 का हिस्सा रहे जो रूट टेस्ट क्रिकेट में सबसे आगे निकलते हुए नजर आ रहे हैं। 14 साल के करियर में उन्होंने 164 मुकाबलों की 300 पारियों में 13,952 रन बनाए हैं। इस दौरन उनकी ओर से 41 शतक और 66 फिफ्टी देखने को मिली है। रूट सिर्फ बल्ले ही नहीं गेंद से भी इस फॉर्मेट में सबसे अहम खिलाड़ी बन जाते हैं। अपनी फिरकी से उन्होंने अबतक 74 बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई है। बता दें कि सचिन तेंदुलकर का नाम 46 टेस्ट विकेट हैं। विराट कोहली और शुभमन गिल एक भी विकेट नहीं ले पाए हैं।

निशाने पर सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड

200 मैचों में 15,921 रनों के साथ क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर टेस्ट प्रारूप के शिखर पर बैठे हैं। यानि जो रूट को उनसे आगे निकलने के लिए 1999 रनों की दरकार है। 35 वर्षीय रूच के करियर के अभी कई सुनहरे साल बाकी हैं। अगर वह इसी फॉर्म और अंदाज में बल्लेबाजी करते रहे तो सचिन को पीछे छोड़ सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो वह जाहिर तौर पर दुनिया के महानतम बल्लेबाजों में शुमार हो जाएंगे।

न्यूजीलैंड के खिलाफ कप्तानी करेंगे रूट

इसके साथ ही आपको बता दें कि आज यानि 17 जून को इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच दूसरा टेस्ट खेला जाने वाला है। बेन स्टोक्स को ड्रोप करने के बाद प्रबंधन ने रूट को कप्तानी सौंपी है। उन्होंने इससे पहले नियमित कप्तान होते हुए 64 टेस्ट में टीम को लीड किया है। जिसमें से 27 में जीत और 26 में हार का सामना करना पड़ा।