उत्तर प्रदेश बलरामपुर : तेंदुए ने एक और मासूम को बनाया अपना शिकार, हफ़्ते भर के अंदर तीसरे बच्चे को बनाया निवाला।
बलरामपुर में गुरुवार देर शाम तेंदुए ने अलाव ताप रहे सात साल के बच्चे को अपना निवाला बना लिया। वहीं एक हफ्ते के भीतर तेंदुए के हमले से तीसरे बच्चे की मौत है।
उत्तर प्रदेश बलरामपुर : यूपी के बलरामपुर में गुरुवार देर शाम तेंदुए ने अलाव ताप रहे सात साल के बच्चे को अपना निवाला बना लिया। इसी गांव से करीब तीन किलोमीटर दूर लाल नगर सिपहिया गांव में पिछले एक हफ्ते के भीतर तेंदुए ने दो अन्य बच्चों को अपना निवाला बनाया था। डीएफओ एम सेम्मारन वन विभाग की टीम के साथ गांव में पहुंच गए हैं। उन्होंने घटना स्थल का जायजा लेते हुए तेंदुए को पकड़ने के लिए टीम को आवश्यक निर्देश दिया है।
हर्रैया थाना क्षेत्र के बेलवा महमूद नगर गांव में गुरुवार शाम साढ़े सात बजे के करीब जगदंबा का सात वर्षीय पुत्र विकास अलाव ताप रहा था। इसी दौरान पीछे से तेंदुए ने उसके ऊपर हमला कर दिया। तेंदुआ बच्चे को पास के खेत में खींच ले गया। जब तक ग्रामीण लाठी डंडे से लैस होकर तेंदुए का पीछा करते, तब तक वह बच्चे का मुंह समेत अन्य अंगों को चबा गया था जिससे उसकी मौत हो गई। ग्रामीणों ने क्षत विक्षत शव बरामद किया और इसकी सूचना वन विभाग के टीम को दी। सूचना पाकर सोहेलवा वन्य जीव प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी डा. एम सेम्मारन गांव में पहुंच गए।
इसी गांव के समीप लालनगर सिपहिया में पिछले दिनों एक सप्ताह के भीतर दो बच्चों को तेंदुए ने अपना निवाला बनाया था। तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग ने लाल नगर सिपहिया गांव में चार पिंजड़े भी लगाए थे। बावजूद वह पकड़ में नहीं आ रहा है। डीएफओ ने तेंदुए को पकड़ने के लिए एक्सपर्ट की टीम को भी बुलवाया है।
आक्रोशित ग्रामीणों ने रेंजर सहित वन विभाग टीम को खदेड़ा
घटना के बाद से स्थानीय थाना क्षेत्र के ग्रामीणों में भय के साथ आक्रोश भी व्याप्त है। तीन किलोमीटर के अंतराल में हुई तीसरी घटना के बाद से ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। गांव में पहुंचे सोहेलवा वन्यजीव प्रभाग के बरहवा रेंज के रेंजर केपी सिंह व उनकी टीम को ग्रामीणों ने खदेड़ दिया। डीएफओ के पहुंचने पर ग्रामीण शांत हुए। ग्रामीण लाठी डंडे व भाले के साथ तेंदुए की खोज कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना था कि उन्हें वन विभाग के ऊपर भरोसा नहीं है। वे लोग खुद अब तेंदुए की खोज कर उससे निपटेंगे।
साइकिल सवार को तेंदुए ने खदेड़ा
लालनगर सिपहिया गांव में बुधवार की शाम सात बजे लालनगर सिपहिया निवासी फारुख के घर में तेंदुआ घुस गया। ग्रामीणों के शोर मचाने पर तेंदुआ गन्ना खेत में घुस गया। इसके बाद तेंदुए ने साइकिल सवार सिकटिहिवा निवासी श्रवण कुमार को दौड़ा लिया। उसके शोर मचाने पर ग्रामीणों ने तेंदुए को दौड़ाया तो वह भाग निकला। गढ़वा, सहियापुर, रजवापुर, लक्ष्मनपुर, शंकरपुर, अमरहवा व अहलादडीह सहित दर्जन भर गांव में तेंदुए का खौफ फैला है।
जंगल में कुत्ते-बंदर घटे इसलिए आबादी में तेंदुए के हमले बढ़े
जानकारों का कहना है कि जंगल में मानव आवादी का दखल बढ़ा है। जंगल में बंदरों की आवादी कम हो गई है। जंगलवर्ती गांव में कुत्ते ढूंढे नहीं मिलते। तेंदुए का सबसे प्रिय भोजन बंदर व कुत्ता होता है। जंगल में अधिकांश बंदरों को तेंदुए अपना निवाला बना चुके हैं। जंगलवर्ती गांव के किनारे कुत्तों की संख्या कम हो गई है। ऐसे में वन्य जीवों के लिए मानव का शिकार करना सबसे आसान होता है।
इस मामले में डीएफओ एम सेम्मरन ने बताया कि लगातार तीसरी घटना में एक और बच्चे को तेंदुए ने निवाला बनाया है। गांव में वन विभाग की टीम के साथ पहुंचकर जायजा लिया गया है। तेंदुए को पकड़ने के लिए हर संभव उपाय किए जा रहे हैं। ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।

